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अब विश्व बैंक पोषित 800 करोड़ के आईडीपी प्रोजेक्ट पर संकट

Thu, 01 Nov 2018 12:17 PM IST
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला
प्रखर दीक्षित, अमर उजाला, शिमला Updated Thu, 01 Nov 2018 12:17 PM IST
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Crisis over Integrated Development Project by World Bank in Himachal Pradesh

विश्व बैंक से वित्त पोषित 1100 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट के बाद अब इसी बैंक से ही पोषित 800 करोड़ के इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (आईडीपी) पर भी संकट खड़ा हो गया है। विश्व बैंक ने बागवानी प्रोजेक्ट को लेकर चल रही खींचतान के बीच आईडीपी के लिए जारी होने वाले बजट को रोक लिया है। बैंक का कहना है कि बागवानी समेत कई अन्य प्रोजेक्ट पहले ही प्रदेश को मिले हैं लेकिन किसी भी प्रोजेक्ट की स्थिति अच्छी नहीं है।

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विश्व बैंक के इस कदम के बाद सरकार में हड़कंप मच गया है। शासन में बैठे अधिकारी बैंक से लगातार संपर्क कर इस प्रोजेक्ट के लिए राशि जारी करने के लिए प्रयास करने में जुट गए हैं। पिछली सरकार के दौरान सेब बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विश्व बैंक ने 11 सौ करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट हिमाचल को दिया था। इस प्रोजेक्ट के तहत काफी राशि हिमाचल को जारी भी कर दी गई लेकिन वर्तमान जयराम सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह प्रोजेक्ट विवादों में है।

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Crisis over Integrated Development Project by World Bank in Himachal Pradesh

बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह इस प्रोजेक्ट के लागू होने में भारी वित्तीय अनियमितता की बात कह चुके हैं। इस सब के बीच विश्व बैंक से लिए गए आठ सौ करोड़ के आईडीपी प्रोजेक्ट पर संकट खड़ा हो गया है। बैंक की ओर से पत्र जारी कर कहा गया है कि सरकार पहले से चल रहे प्रोजेक्टों का बेहतर प्रबंधन व पालन कराए। तब तक इस प्रोजेक्ट को होल्ड किया जा रहा है।

विश्व बैंक के इस कदम को जयराम सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, सरकार गठन के बाद से ही बागवानी प्रोजेक्ट कद्दावर मंत्री महेंद्र सिंह के निशाने पर रहा है। वह लगातार इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में अब सरकार के सामने 800 करोड़ के प्रोजेक्ट को खोने अथवा पहले से तय बागवानी प्रोजेक्ट पर अमल करने के विकल्प ही बचे हैं।

वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रोजेक्ट को लेकर कुछ तकनीकी पहलुओं पर विश्व बैंक ने अपनी बात रखी थी। मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय वित्त व कृषि मंत्रालय से संपर्क कर चुके हैं। जल्द ही यह प्रोजेक्ट प्रदेश में लागू होगा।

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