इन नगर कमेटी के अफसरों पर चलेगा आपराधिक मामला, जानिए वजह
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हिमाचल में दो नगर कमेटी के अधिकारियों पर आपराधिक मामला चलेगा। प्रदेश उच्च न्यायालय ने चंबा और परवाणू की नगर कमेटी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए बनाए गए अधिनियमों के प्रावधानों की अनुपालना न किए जाने पर आपराधिक मामला चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति दिए जाने बाबत निर्णय लेने के आदेश पारित किए हैं।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने प्रदेश के मुख्य सचिव को आदेश दिए कि वह न्यायालय द्वारा 23 अक्तूबर 2017 को पारित आदेशों का अवलोकन करने के बाद इस विषय में एक सप्ताह के भीतर निर्णय लें।
हालांकि अतिरिक्त मुख्य सचिव शहरी विकास इन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति नहीं लिए जाने के आदेश पारित किए थे। हाईकोर्ट द्वारा 23 अक्तूबर 2017 को पारित आदेशों के अनुसार चंबा और परवाणू के नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने के लिए अभियोजन स्वीकृति दिए जाने बाबत निर्णय लेने के आदेश पारित किए थे।
ये जानिए क्या है पूरा मामला
न्यायालय ने इस मामले में खेद जताया था कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ क्यों नहीं अभियोजन स्वीकृति आज तक ली गई। इन लोगों के खिलाफ यह आरोप था कि इन्होंने पर्यावरण को संरक्षित करने के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया।
जिस कारण कानूनों के प्रावधानों के अनुसार उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलाए जाने के लिए राज्य सरकार की ओर से अभियोजन स्वीकृति दिया जाना आवश्यक था। 29 जुलाई 2016 को हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव ने राज्य सरकार से इन लोगों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दिए जाने की मांग की थी।
23 अक्तूबर 2017 को हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेशों के तहत दो दिनों के भीतर इस बाबत निर्णय लिया जाना था। न्यायालय ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दिए जाने बाबत कोर्ट के समक्ष अतिरिक्त दस्तावेज पेश करने के आदेश जारी किए हैं।