अफसरों समेत मुसीबत में फंसे पूर्व सीएम धूमल
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष प्रेमकुमार धूमल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उनके खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने कोर्ट में केस दायर कर दिया है। विजिलेंस ने इस मामले का चालान विशेष न्यायाधीश वन शिमला आरके शर्मा की अदालत में पेश किया।
धूमल के अलावा इस मामले में पूर्व आईपीएस अधिकारी एएन शर्मा, पूर्व मुख्य सचिव रवि ढींगरा और पूर्व गृह सचिव डा. पीसी कपूर आरोपी बनाए गए हैं। इन पर भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम के तहत मुकदमा शुरू किया गया है।
विजिलेंस के डीआईजी अरविंद कुमार शारदा ने इसकी पुष्टि की है। विजिलेंस की ओर से कोर्ट में दायर केस में एएन शर्मा पर आरोप हैं कि वह वर्ष 2007 के विस चुनाव में भाजपा की तरफ से नादौन से टिकट के दावेदार थे।
भाजपा सरकार पर लगे हैं ये आरोप
उन्होंने टिकट लेने की प्रक्रिया में समय से पहले सेवानिवृत्ति को आवेदन किया। उन्हें रिटायर करने की अधिसूचना सरकार ने बाद में विदड्रा कर ली थी। टिकट नहीं मिलने के बाद एएन शर्मा पुलिस सेवाओं में लौट आए।
इसके बाद एएन शर्मा एमसी शिमला में आयुक्त के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी तैनात किए गए। कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने पर विजिलेंस ने इसे सरकारी शक्तियों का दुरुपयोग बताते हुए मामला दर्ज किया। इसके लिए पूर्व सीएम प्रेम कुमार धूमल को भी आरोपी बनाया गया।
अब इस मामले की अगली तारीख 27 मार्च को लगी है।