रिटायर्ड आईएफएस की संपत्ति की विजिलेंस ने शुरू की जांच
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नौकरी के दौरान अपने निर्णयों को लेकर बहुचर्चित रहे रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी चंद्रशेखर सिंह अब स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के निशाने पर हैं। विजिलेंस ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।
इस क्रम में ब्यूरो ने वन विभाग से चंद्रशेखर की ओर से घोषित आय और संपत्ति का ब्योरा तलब किया है। सूत्रों का कहना है कि उन पर हिमाचल के अलग-अलग हिस्सों में संपत्ति खरीदने का आरोप है।
वीरभद्र मंत्रिमंडल के फैसले के उलट रिटायरमेंट से ठीक एक हफ्ते पहले वन विकास निगम में ईको टूरिज्म साइटों के टेंडर जारी करने के मामले में सुर्खियों में आने वाले चंद्रशेखर सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
उनके खिलाफ मिली आय से अधिक संपत्ति और टेंडर में हुए कथित खेल की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में विजिलेंस ब्यूरो को मनाली व उसके आसपास और हिमाचल के कुछ अन्य हिस्सों में संपत्ति की जानकारी मिली है।
बेनामी संपत्तियां भी होने की आशंका
कुछ बेनामी संपत्तियां भी होने की आशंका जताई जा रही है। इसी जानकारी के बाद विजिलेंस ब्यूरो ने वन विभाग से उनका ब्योरा तलब कर लिया है। विभाग से मिलने वाली उनकी चल अचल संपत्ति के ब्योरे से जांच में मिली संपत्ति की जानकारी से मिलान किया जाएगा।
इसके बाद ब्यूरो आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगा। सूत्रों का कहना है कि सेवाकाल के अंतिम दिन किए गए टेंडर और निरस्तीकरण के बाद शासन ने भी आधिकारिक रूप से मामले में जांच की सिफारिश कर दी थी।
इसके बाद तब से सिंह के खिलाफ विजिलेंस प्रारंभिक जांच कर रहा है। उधर, नाम न लिखने की शर्त पर वन विभाग के एक अधिकारी ने विजिलेंस की ओर से घोषित चल-अचल संपत्ति मांगे जाने की पुष्टि की है।