टैक्स से बचने के लिए फाइलों से गायब कर दिए 150 करोड़
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परवाणू में इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट तैयार करने वाले उद्योगपति ने टैक्स से बचने के लिए करीब 150 करोड़ की रकम हिसाब से गायब कर दी।
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के फ्लाइंग स्कवॉड ने निरीक्षण के दौरान यह हेराफेरी पकड़ी है।
टैक्स, जुर्माना और ब्याज के रूप में उद्यमी से 2.85 करोड़ रुपये वसूलने की कार्रवाई की गई है।
उद्यमी ने मौके पर 50 लाख रुपये की राशि की अदायगी कर दी है।
शेष के लिए एक माह का समय मांगा है। इस कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
75-75 करोड़ की दो बड़ी कंसाइनमेंट हिसाब गाोल
विभाग के उप आयुक्त डा. सुनील कुमार ने कहा कि उद्यमी के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई हुई है। उद्योगपति अपील कर सकता है। यह डीलर इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट तैयार करने के लिए कच्चा माल बाहर से मंगवाता है।
इस पर एक फीसदी टैक्स का प्रावधान है। लेकिन उसने एंट्री टैक्स के दायरे में आने वाली 75-75 करोड़ की दो बड़ी कंसाइनमेंट को फाइलों से गायब कर दिया।
ईटीओ प्रदीप शर्मा के नेतृत्व वाली टीम ने यह गड़बड़ी पकड़ी और टैक्स, जुर्माना और ब्याज के तौर पर डीलर से 2.85 करोड़ रुपये की पेनल्टी लगाई।
वैट और रिटर्न में ईमानदारी
अधिकारियों का कहना है कि वैट और रिटर्न भरने में डीलर ईमानदार रहा है।
हमेशा समय पर टैक्स आता है और रिटर्न भी आती है।
अच्छा डीलर होने के नाते उसे विश्वास था कि एंट्री टैक्स की यह चोरी पकड़ी नहीं जाएगी। लेकिन उसकी चोरी पकड़ी गई।