नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के दो मामलों में दोषियों को दस और सात साल कैद
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नाबालिग बच्चियों से दुष्कर्म के दो मामलों में अदालत ने दोनों दोषियों को दस और सात साल के कठोर कारावास की सजाएं सुनाई हैं। इसके अलावा दोषियों को एक लाख दो हजार और एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम कृष्ण शर्मा की विशेष अदालत ने सरकाघाट तहसील के सारी गांव निवासी राकेश कुमार पुत्र भाग सिंह के खिलाफ भादंसं की धारा 376, 342, 352, 452 और पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत क्रमश: 10 साल कठोर और एक साल, तीन माह, तीन साल और सात साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अलावा दोषी को उक्त धाराओं के तहत पचास हजार, एक हजार, पांच सौ, पांच हजार और पचास हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना निश्चित समय में अदा न करने पर दोषी को क्रमश: एक साल, छह माह, एक माह और एक-एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता अपनी बुआ के घर गई हुई थी। उनकी बुआ डिपो से सामान लेने गई हुई थी। इसी बीच दोषी ने पीड़िता के बुआ के घर में प्रवेश करके उसके साथ दुष्कर्म किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 14 गवाहों के बयान अदालत में कलमबंद किए गए थे।
एक अन्य मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम कृष्ण शर्मा की विशेष अदालत ने पधर तहसील के सियूण गांव निवासी जसवंत सिंह पुत्र कृष्ण चंद के खिलाफ भादंसं की धारा 376, 506 और पोक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत अभियोग साबित होने पर उसे क्रमश: सात साल कठोर, एक साल व सात साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को उक्त धाराओं के तहत क्रमश: पचास हजार, एक हजार और पचास हजार जुर्माना भी अदा करना होगा।
निश्चित समय में जुर्माना अदा न करने पर उसे एक साल, एक माह और एक साल का अतिरिक्त साधारण कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना वाले दिन पीड़िता के माता-पिता काम से बाहर गए हुए थे। शाम को जब माता-पिता घर लौटे तो पीड़िता को गुमसुम देख कर माता ने उससे पूछताछ की। पीड़िता ने बताया कि जब वह आटा चक्की पर गई हुई थी तो दोषी ने उससे दुष्कर्म किया।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 12 गवाहों के बयान कलमबंद करवाए गए। इस दोनों मामलों की पैरवी जिला न्यायवादी कुलभूषण गौतम ने की। अदालत ने उक्त मामलों के फैसलों में कहा कि अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से दोषियों के खिलाफ संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित हुआ है। इसके चलते अदालत ने आरोपियों को उक्त सजाओं के फैसले सुनाए हैं। सजा की अवधि पर हुई सुनवाई में मौजूद रहीं लोक अभियोजक नवीना राही ने विशेष अदालत की ओर से सुनाए गए मामलों के फैसलों की पुष्टि की है।