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टीचर ने बेरहमी से पीटा छात्र, अस्पताल में भर्ती
Updated Fri, 12 Sep 2014 09:37 AM IST
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हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में तैनात शारीरिक शिक्षक (डीपीई) ने सातवीं कक्षा के छात्र को महज इसलिए पीट दिया कि वह कागज का जहाज बनाकर खेल रहा था।
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आरोप है कि पीटीए पर तैनात डीपीई ने पहले तो छात्र को मुर्गा बनाया उसके बाद उसकी पीठ पर मुक्का दे मारा, जिससे छात्र की रीढ़ की हड्डी में चोट आई है। परिजनों ने उसे ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती करवाया है। डाक्टरों ने छात्र के एक्सरे लिए हैं। परिजनों की शिकायत पर गगरेट पुलिस चौकी ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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उधर, प्रधानाचार्य ने मामले में जांच बिठा दी। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेड़ा जसवाला में हुए वाकया के बाद स्थानीय पंचायत प्रधान और परिजनों ने वीरवार को स्कूल पहुंच कर प्रधानाचार्य से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने की मांग की। डीएसपी अंब जितेंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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पहले भी मारा था थप्पड़ : प्रधान
ग्राम पंचायत कुठेड़ा जसवाला की प्रधान ऊषा देवी ने बताया कि उक्त अध्यापक ने वर्ष 2011 में भी एक छात्रा को थप्पड़ जड़ा था, जिससे छात्रा बेहोश हो गई थी। कुठेड़ा जसवाला निवासी पीड़ित छात्र के पिता सुभाष चंद ने आरोप लगाया है कि स्कूल प्रबंधन इस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश में है। उन्होंने कड़ी कार्रवाई अमल में लाने की मांग की है।
प्रधानाचार्य राजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि डीपीई टेक चंद से इस बाबत लिखित में जवाब मांगा गया है। पीठ दर्द की शिकायत के बाद वह खुद बच्चे को अपनी कार में अस्पताल लेकर गए। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्कूल टीचर टेक चंद के अनुसार स्कूल में शरारतें कर रहे बच्चों को सही राह पर लाने के लिए हल्की सख्ती की आवश्यकता पड़ती है। इस कारण यह हादसा पेश आया है। उनका इस तरह का कोई इरादा नहीं था। बच्चे को चोट आई है, जिसका उन्हें खेद है।
प्रधानाचार्य राजेंद्र पाल सिंह का कहना है कि डीपीई टेक चंद से इस बाबत लिखित में जवाब मांगा गया है। पीठ दर्द की शिकायत के बाद वह खुद बच्चे को अपनी कार में अस्पताल लेकर गए। इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्कूल टीचर टेक चंद के अनुसार स्कूल में शरारतें कर रहे बच्चों को सही राह पर लाने के लिए हल्की सख्ती की आवश्यकता पड़ती है। इस कारण यह हादसा पेश आया है। उनका इस तरह का कोई इरादा नहीं था। बच्चे को चोट आई है, जिसका उन्हें खेद है।