इस इरादे से की गई शिवालिक साइंस स्कूल संचालक की हत्या
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खरूणी स्थित शिवालिक साइंस स्कूल संचालक की हत्या लूट के इरादे से ही हुई थी। इसकी सारी पृष्ठभूमि स्थानीय दो युवकों ने बनाई, जिसमें पंजाब के रिश्तेदारों और अन्य आरोपियों को शामिल कर बाकायदा रैकी कर इस प्लान को अंजाम दिया था। हालांकि पुलिस के लिए यह मामला ट्रैक करना काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। घर से हुई लूट में कितने पैसे और जेवर चोरी हुए हैं, इसका सही ढंग से पुलिस को पता नहीं चल सका है।
स्कूल संचालक की मौत और उनकी पीजीआई में उपचाराधीन धर्मपत्नी के पुलिस बयान नहीं ले सकी है, जबकि घटना के वक्त मौजूद उनके पुत्र को घर में रखे रुपये पैसों की जानकारी ही नहीं है। पुलिस ने इस मामले में एसआईयू और साइबर टीम के माध्यम से वैज्ञानिक छानबीन के आधार पर मामला सुलझा दिया है। हालांकि मामले में अभी और गिरफ्तारियां होनी हैं, वहीं रिकवरी भी की जानी है।
इस घटनाक्रम से पुलिस अधीक्षक बद्दी रानी बिंदु सचदेवा ने स्वयं पर्दा उठाया और पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी दी है। बकौल एसपी रानी बिंदु सचदेवा 12 अगस्त की मध्यरात्रि करीब 2:30 बजे छह आरोपी खरूणी स्थित स्कूल कैंपस में प्रवेश हुए, जिन्होंने मेन गेट का ताला गैस कटर से तोड़ डाला और भीतर प्रवेश हुए। इनमें से एक आरोपी बाहर ही खड़ा रहा, जबकि पांच भीतर घर में घुस गए।
हत्या और लूट की घटना को अंजाम देने के बाद सुबह करीब 5 सवा पांच बजे हत्यारोपी अपने वाहनों में सवार होकर खरूणी से नालागढ़ आए और रामशहर होकर फरार हो गए। हत्यारोपियों को इस बात का पूरा ज्ञान था कि रात में नालागढ़ में पुलिस नाका लगाती है, जो कि सुबह करीब 5 बजे तक रहता है। ऐसे में नाका हटने के बाद ही हत्यारे फरार हुए। एसपी के मुताबिक इस वारदात में हत्यारोपियों ने दोपहिया वाहन और एक कार का प्रयोग किया है।
11 अगस्त को पहुंच गए थे तीन हत्यारोपी
लूट की इस घटना को अंजाम देने के लिए 11 अगस्त की रात को तीन हत्यारोपी यहां आ चुके थे, जिन्हें मुख्य षडयंत्रकारी नरेंद्र सिंह ने खेड़ा में पार्टनरशिप में चलाए जा रहे जिम के हॉल में यह कहकर ठहराया कि वे उसके रिश्तेदार हैं। तीन अन्य आरोपी 12 अगस्त को यहां पहुंचे थे।
जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है। इस लूट का सारा प्रपंच रचने वाला नरेंद्र सिंह पुत्र करनैल सिंह निवासी गांव ठेडा डाकघर लोदीमाजरा ने अपने रिश्तेदारों और उसके अन्य पहचान वालों से इस घटना को अंजाम में लाया है। इस हत्याकांड में दो स्थानीय लोग और बाकि पंजाब के आरोपी शामिल हैं।
ये हत्यारोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
पुलिस ने इस हत्याकांड में हत्या के षड्यंत्रकारी नरेंद्र सिंह पुत्र करनैल सिंह निवासी गांव ठेडा, डाकघर लोदीमाजरा तहसील बद्दी, गुरदेव सिंह पुत्र दलीप सिंह निवासी गांव निचला खेड़ा, तहसील नालागढ़, जसविंदर सिंह उर्फ गोल्डी पुत्र जसपाल सिंह निवासी गांव मनाना डाकघर बोलोलपुर तहसील और जिला मोहाली पंजाब, राजू सिंह पुत्र सुच्चा सिंह निवासी गांव फतेहगढ़ डाकघर शाहपुर वाटे, तहसील समराला, जिला लुधियाना पंजाब, अमनदीप उर्फ छिंदा पुत्र सरवण सिंह निवासी गांव मुबारकपुर डाकघर हंबोवाल,
तहसील समराला जिला लुधियाना पंजाब और गुरदास सिंह उर्फ पप्पू पुत्र करनैल सिंह निवासी गांव मुबारकपुर डाकघर हंबोवाल तहसील समराला जिला लुधियाना पंजाब को गिरफ्तार कर लिया है। इनसे लूट के पैसे और हत्या में प्रयुक्त किए गए हथियारों सहित वाहनों की पुलिस ने रिकवरी करनी है। एसपी का दावा है कि जल्द ही इन्हें रिकवर कर लिया जाएगा।
आरोपियों का खंगाला जा रहा है पुराना रिकॉर्ड
पुलिस अधीक्षक रानी बिंदु सचदेवा ने कहा कि इस हत्याकांड को अंजाम देने वाले पंजाब के हत्यारोपियों का बैक ग्राउंड जांचा जा रहा है, क्योंकि कुछ आरोपियों का यहां करीब दो से ढाई महीने से आना जाना लगा हुआ था।
इस लूट कांड को काफी समय से प्लान किया गया था और मुख्य आरोपी का इनसे बराबर संपर्क बना हुआ था और इसी सिलसिले में इनका यहां आवागमन लगा रहता था। पुलिस इनकी अन्य किसी वारदात या गैंग में शामिल होने की बात को लेकर वेरिफिकेशन करवा रही है और पुराना रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
एसपी रानी बिंदु सचदेवा ने कहा कि इस मामले को सुलझाने में एसएचओ नालागढ़ राजकुमार वर्मा, एसआईयू प्रभारी लखवीर, एएसआई योगराज, साइबर टीम से कांस्टेबल अमरीक, नीतीश, भूपिंद्र, निर्मल, गौतम, प्रवीण आदि का सराहनीय कार्य रहा है और साइंटिफिक तरीके से की गई जांच के आधार पर ही इन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका है। फिलवक्त पुलिस के पास अब तक की जांच में यह मामला लूटपाट का ही सामने आया है।