मां से दुराचार करने के दोषी बेटे को सात साल का कठोर कारावास
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-2 अमन सूद की अदालत ने मां से दुराचार का प्रयास करने के मामले में आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा उसे 5 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी संजय पंडित ने बताया कि पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 26 मार्च 2015 की रात करीब 10 बजे उसका बेटा शराब के नशे में धुत्त होकर घर पहुंचा। घर पहुंच कर वह करीब 10 से 12 बजे तक उसके साथ गाली-
गलौज करता रहा। करीब 12 बजे वह अपनी मां के कमरे में पहुंच गया, जहां वह कुल्हाड़ी भी साथ ले गया। आरोपी अपनी मां को कुल्हाड़ी की नोक पर उसके साथ अश्लील हरकतें करता रहा। मां के विरोध करने पर उसने उसे कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतार देने की भी धमकी दी।
कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतारने की दी थी धमकी
घटना से बुरी तरह डरी और सहमी महिला ने किसी तरह पानी पीने का बहाना बनाया और बाहर निकल आई। बाहर आकर उसने मकान के दूसरे हिस्से में सो रहे अपनी बेटी और दामाद को जगाया और घटना की जानकारी दी। उन्होंने पीड़िता को आरोपी के चंगुल से बचाया और पुलिस को मामले की सूचना देकर मौके पर बुलाया।
यहां पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उपजिला न्यायवादी ने बताया कि एडीजे-2 अमन सूद ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए उसे धारा 376 और 511 के तहत सात साल की कठोर सजा सहित 5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने के आदेश भी
जारी किए। जुर्माना न देने की सूरत में उसे 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि, धारा 504 और 506 के तहत 1-1 साल की सजा और 1-1 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा भी सुनाई। जुर्माना न देने पर उसे तीन-तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।