शिमला में पीलिया मामले में एसडीओ और जेई भी गिरफ्तार
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एसआईटी ने अश्वनी खड्ड में पानी की लिफ्टिंग की स्कीम में पाई गई खामियों के बाद आईपीएच के एसडीओ और जेई को भी गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान अभिषेक शर्मा एसडीओ और जेई रूपलाल गौतम के तौर पर हुई है। एसआईटी अब तक पीलिया से जुड़े मामले में सात गिरफ्तारियां कर चुकी है।
पानी की लिफ्टिंग वाले मामले में दो पंप आपरेटरों पर भी गिरफ्तारी की गाज गिर सकती है। इस मामले से जुड़े पांच आरोपी मौजूदा समय में न्यायिक हिरासत जेल में बंद हैं। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपियों की जमानत याचिका पर शनिवार को अदालत में सुनवाई हो सकती है।
एसआईटी ने जांच में एक कदम आगे बढ़ाते हुए शुक्रवार को पहली बार नगर निगम के असिस्टेंट कमिश्नर प्रशांत सरकैक और पानी वितरण का जिम्मा देख रहे म्यूनिसिपल इंजीनियर विजय गुप्ता से पूछताछ की। इनसे शहर में दी जाने वाली पानी की सप्लाई के बारे में पूरी जानकारी ली।
म्यूनिसिपल इंजीनियर से किए ये सवाल
इसके साथ ही यह भी पूछा कि क्या आईपीएच से पानी लेने के बाद नगर निगम अपने स्तर पर भी उसकी जांच करता रहा है? सूत्र बताते हैं कि नगर निगम के अफसरों ने कहा कि पानी को टेस्ट करने के बाद ही जनता को इसका वितरण किया जाता रहा है। इस पर एसआईटी ने अफसरों से पूछा कि अगर पानी ठीक था तो पीलिया कैसे फैल गया?
आपकी पानी की गुणवत्ता को लेकर कितनी जिम्मेदारी बनती हैं? जब पानी के बिल नगर निगम वसूल कर रहा है तो स्वच्छ पानी देना भी नगर निगम का ही काम है। इसमें अकेले आईपीएच के सिर पर दोष मढ़ देने से नगर निगम कैसे अपनी जिम्मेदारी से बच सकता है? एसआईटी की ओर से कई तीखे सवाल अफसरों से किए गए। जांच से संबंधित कुछ रिकार्ड पेश करने के लिए भी कहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देगा जवाब
एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि एसआईटी ने शुक्रवार को इस
मामले से जुड़ी दो और गिरफ्तारियां की हैं। इनमें आईपीएच का एक एसडीओ और एक
जेई शामिल है। नगर निगम के दो अधिकारियों से भी एसआईटी ने पूछताछ की है।
हर पहलू पर जांच चल रही है।
एसआईटी ने जांच में शामिल होने के लिए नगर निगम के मेयर नहीं बल्कि निगम आयुक्त को बुलाने के लिए पत्र लिखा था। शनिवार दोपहर दो बजे का वक्त एसआईटी की ओर से दिया था। शुक्रवार को नगर निगम आयुक्त व्यस्त होने की वजह से नहीं आ पाए उन्होंने एसआईटी जांच में सहयोग करने के लिए असिस्टेंट कमिश्नर और एम ई को भेजा।
एसआईटी की ओर से पर्यावरण एवं प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सदस्य सचिव को प्रश्नावली भेजी गई है। इसका जवाब भी शनिवार दोपहर दो बजे तक देना होगा। इसमें शहर में चल रहे सभी छह एसटीपी प्लांट के निरीक्षण और नोटिस के बारे में जानकारियां मांगी गई है।