एक दर्जन संस्थानों में छात्रवृत्ति घोटाला होने की आशंका
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प्रदेश के एक दर्जन से अधिक निजी शिक्षण संस्थानों में छात्रवृत्ति घोटाला होने की आशंका है। पोस्ट मैट्रिक, एससी-एसटी और ओबीसी छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत बीते पांच साल में 250 करोड़ रुपये की राशि जारी हुई है।
कुल जारी हुई इस राशि में से कितने का घोटाला हुआ है। इसका आंकलन करने में शिक्षा विभाग की टीम जुटी हुई है। संभावित है कि मंगलवार को शिक्षा सचिव डॉ. अरुण कुमार शर्मा जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंप सकते हैं।
शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार करीब 135 निजी शिक्षण संस्थानों को साल 2013 से 2017 तक 250 करोड़ की राशि तीन छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत आवंटन के लिए जारी की गई।
बीते डेढ़ माह से जारी इस मामले की जांच के अनुसार करीब एक दर्जन संस्थानों में फर्जी एडमिशन से छात्रवृत्ति राशि हड़पने के सुबूत अधिकारियों के हाथ लगे गए हैं।
कई विद्यार्थियों के बयान भी अधिकारियों ने रिकार्ड किए
ऐसे कई विद्यार्थियों के बयान भी अधिकारियों ने रिकार्ड किए हैं। जिनके नाम पर संस्थानों के बैंक खाते खोल कर सरकारी खजाने को चपत लगाई है। जांच टीम ने शिक्षा सचिव को रिपोर्ट सौंप दी है।
अब संभावित है कि मंगलवार को शिक्षा सचिव अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप कर किसी स्वतंत्र एजेंसी से मामले की जांच की मांग कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस के साइबर सैल को मामले की जांच सौंपी जा सकती है।
बता दें कि बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में भी इस मामले को लेकर चर्चा हुई थी लेकिन तथ्यों के अभाव में सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया। अब जांच टीम ने रिपोर्ट में तथ्यों को भी शामिल कर दिया है। जिसके आधार पर सरकार आने वाले दिनों में इस मामले की जांच को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।