..तो अब ऐसे खुलेगा 32 लाख की लूट का राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नादौन में भारतीय स्टेट बैंक में 32 लाख रुपये की चोरी के मामले में नाबालिग बच्चे की मां राज से पर्दा उठाऐगी। वीरवार को दोनों नाबालिग बच्चों को बाल सुधार गृह ऊना भेज दिया गया है। अन्य आरोपियों का तेरह अक्तूबर तक पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। मध्य प्रदेश भेजी गई टीम के हाथ भी अब तक कुछ हाथ नहीं लग पाया है।
पुलिस को उम्मीद है कि इस चोरी का मास्टर माइंड जल्द उनकी गिरफ्त में होगा। क्या इसमें बैंक का कोई कर्मचारी भी संलिप्त है? इसके जवाब में पुलिस प्रशासन ने केवल इतना कहा अभी तफ्तीश चल रही है। शुक्रवार से आरोपियों से पूछताछ शुरू होगी उसी के बाद कुछ सामने आ पाएगा।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस बैंक से नोटों से भरा बैग उड़ाने वाले बच्चों तक पहुंची लेकिन अब तक लाखों की रकम का कोई सुराग नहीं है। पुलिस टीम ने हरियाणा के करनाल से आरोपी बच्चों और उनके मां-बाप को पकड़ा।
आरोपियों ने गुनाह कबूल किया
पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। पकडे़ गए आरोपियों में शिवानंद उसकी पत्नी नरगिस उनका 10 साल का बेटा और नरगिस की बहन का 12 साल का बेटा शामिल हैं। लंबे समय से इनके मोबाइल ट्रैप किए जा रहे थे।
पिछले दिनों इनकी लोकेशन करनाल रेलवे स्टेशन के आसपास पाई गई। इसके चलते पुलिस ने करनाल पुलिस को उक्त इलाके की नाकाबंदी करने को कहा। करनाल पुलिस के सहयोग से इन्हें पकड़ने में कामयाबी पाई। महिला के पति को लेकर एक टीम मध्य प्रदेश रवाना हो चुकी है।
ऐसे की थी चोरी
एसबीआई शाखा में तीन नाबालिग अंदर चले गए। 20 और 25 वर्ष के बीच के अन्य चार युवक बैंक से थोड़ा दूर खड़ा हो गए। बच्चों के मुताबिक इनके साथ आया विकास इनके गांव के सरपंच का बेटा है। उसने उन्हें बैंक के अंदर से कोई भी पैसों से भरा बैग उठाकर लाने का आदेश दिया।
बैंक के अंदर तीनों ने जब देखा कि एक व्यक्ति ने बैग काउंटर पर रखा है तो उनमें से एक ने उस बैग को उठा लिया। उन्हें न तो यह पता था कि उक्त व्यक्ति बैंक का कैशियर है और न ही इस बात का अंदाजा था कि उसमें कितने रुपये हैं।
बच्चों के बाहर निकलते ही विकास ने बैग ले लिया और नादौन बस अड्डा से लगभग पौने एक बजे कांगड़ा के लिए बस ले ली। फिर पठानकोट पहुंचे। यहां से ट्रेन लेकर अपने गांव पहुंचे।
विकास ने किसके कहने पर भेजे बच्चे
पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे परिजनों शिवानंदए नरगिसए मीना समेत करीब छह लोग कांगड़ा पहुंचे थे। इनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। वह पांच दिन कांगड़ा रेलवे स्टेशन के पास रुके। इसके बाद वह नादौन पहुंचे। बैंक में चोरी कर भाग गए। आरोपी मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिला के कुरखेड़ी गांव निवासी हैं।
इस मामले में विकास नाम के जिस युवक का नाम सामने आ रहा है। वह रूपये से भरे बैग की चोरी के तुरंत बाद बैंक के भीतर दिखाई दिया था। अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या विकास के साथ कोई और भी था जिसने उसे बारिकी से चोरी के इस प्लान को समझाया? इसी दिशा में पुलिस अब जांच कर रही है।
क्या कहता है पुलिस स्टेशन
एसपी अजय बौद्ध ने बताया कि दोनों नाबालिग बच्चों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। आरोपी महिला का तेरह तक पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। शुक्रवार से उससे पूछताछ शुरू होगी। मध्य प्रदेश से पैसों के बरामदगी की कोई सूचना नहीं आई है। इस पूरे मामले के पीछे कौन कौन थे इसका खुलासा पुलिस जल्द कर देगी।