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मासूम से दरिंदगी की कहानी, उसी की जुबानी

Thu, 07 Aug 2014 03:00 PM IST
Updated Thu, 07 Aug 2014 03:00 PM IST
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rape case with blind daughter at sirmaur

पापा मुझे रोज उल्टा लटकाकर पीटते थे। मेरे साथ जबरदस्ती की जाती। मां के न होने के बाद पिता ही सहारा थे। लेकिन करीब चार साल पहले उन्होंने जबरदस्ती मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाए।

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इसके बाद रोज मेरे साथ गलत काम किया जाता रहा। मैंने विरोध किया तो डराया गया। पुलिस को दिए मासूम के ये बयान हर किसी को झकझोर देने वाले थे।

हिमाचल के जिला सिरमौर के शिलाई क्षेत्र की रहने वाली मासूम किसी तरह इस अन्याय को सबके सामने लाने में तो सफल रही लेकिन उसका मासूम बचपन एक डरावनी कहानी बन गया।
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चाइल्डलाइन बनी मददगार

rape case with blind daughter at sirmaur

पुलिस के अनुसार नाबालिग ने चाइल्ड हेल्पलाइन को अपने उपर हो रहे अत्याचार के बारे में सूचना दी। संस्‍था ने मामले को गंभीरता से लिया और इसकी तलाश की। पता चलने पर यह मामला पुलिस के पास पहुंचा।

पूछताछ में पता चला कि शिलाई के एक गांव में रहने वाली इस मासूम से पिछले चार साल से दुराचार हो रहा था। नाबालिग के अनुसार उसकी मां करीब आठ साल पहले घर छोड़कर चली गई थी। मां ने दूसरी शादी रचा ली थी।

इसके बाद से आरोपी ने पिता इसके साथ दरिंदगी शुरू कर दी। इस बेरहम पिटाई से उसकी आंखों की रोशनी भी चली गई।

पुलिस से न्याय की आस

rape case with blind daughter at sirmaur

नाबालिग को अब पुलिस से ही न्याय की आस है। आरोपी पिता फिलहाल फरार है। मगर पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा। उधर, चाइल्ड लाइन संस्‍था भी मासूम की पूरी मदद कर रही है।

घटना सामने आने के बाद इलाके के लोग भी सकते में हैं। पांवटा के डीएसपी योगेश रोल्टा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। नाबालिग का मेडिकल करवाया जा रहा है।

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