चॉकलेट का लालच देकर करता था बच्चियों से हैवानियत
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ये दरिंदा चॉकलेट-टॉफी और खिलौनों का लालच देकर आंगनबाड़ी केंद्र को बच्चियों एकांत में ले जाता और हैवानियत को अंजाम देता था। हिमाचल के चंबा जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र में कई बच्चियों से दुराचार के मामले में आरोपी हिमांशु ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। मेडिकल जांच में भी चार बच्चियों से दुराचार की पुष्टि हो गई है।
पुलिस के अनुसार हिमांशु बच्चियों को चॉकलेट-टॉफी और खिलौनों का लालच देकर एकांत में ले जाता था और हैवानियत को अंजाम देता था। जिस आंगनबाड़ी केंद्र में ये दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, वह केंद्र आरोपी के घर में तीन दशक से चल रहा है। बच्चों का यहां आना-जाना आम था।
एसडीएम की अपील - छिपें नहीं, सामने आएं पीड़ित
इसी का फायदा उठाकर हिमांशु इस दुष्कृत्य को अंजाम देता था और किसी को कानोकान खबर नहीं हुई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। मासूम बच्चियों से दुराचार के आरोपी को न्यायालय ने तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी को रविवार को अदालत में पेश किया गया। शनिवार को मामला सामने के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया था।
शाम को ही मेडिकल करवा कर इसे थाने में रखा गया। रविवार दोपहर अदालत में पेश किया गया। एएसएचओ सकीनी कपूर ने बताया कि आरोपी को तीन दिन तक पुलिस हिरासत में रखा जाएगा। जिसके बाद फिर से उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। आरोपी पर धारा 376 और पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आरोपी की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस एहतियात बरत रही है। एएसपी चंबा कुलवंत सिंह ने कहा कि आरोपी से रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। इसके बाद चार्जशीट तैयार कर अदालत में सौंपी जाएगी।
हैरत की बात है कि आंगनबाड़ी केंद्र में कई बच्चियों को चॉकलेट-टॉफी का लालच देकर शातिर ले जाता है और केंद्र में तैनात कार्यकर्ता और सहायिका को पता तक नहीं चलता। खुलासे के बाद रविवार को केंद्र पहुंचे जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता और एसडीएम चंबा कृष्ण चंद ने कार्यकर्ता और सहायिका से पूछताछ की।
'हमें पता ही नहीं चला कब ऐसा होता रहा'
दोनों ने कहा कि उन्हें इसका पता ही नहीं चला। इस दौरान पीड़ित बच्चों के परिजन भी मौजूद रहे। एसडीएम ने आंगनबाड़ी केंद्र को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह केंद्र अब किसी दूसरे भवन में चलेगा।
एसडीएम ने पीड़ित लोगों से भी अपील की कि वे सामने आएं, तभी सबूत जुटाकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. पीके गुप्ता ने परिजनों को आश्वासन दिया कि बच्चियों को पूरा मुआवजा दिलाया जाएगा। इसके अलावा बाल कल्याण समिति इन बच्चियों के पढ़ाई का जिम्मा भी उठाएगी।