फिल्मी स्टाइल में वकील ने दी मौत को मात
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गाड़ी को लेकर हुए विवाद में दो हमलावरों ने पहले चंडीगढ़ की गाड़ी समझकर वकील के साथ मारपीट की बाद में उसे जान से मार डालने के इरादे से उठाकर खाई में फेंक दिया। वकील की किस्मत अच्छी रही कि वह झाड़ियों में अटक गए।
खाई में फेंकने के बाद आरोपियों ने ऊपर से पत्थर भी फेंके। मारपीट में वकील को गहरी चोटें आई हैं, शिकायत के आधार पर पुलिस ने थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर आगामी छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में चक्कर के एक वकील ने कहा कि रविवार रात वह अपने असिस्टेंट के साथ कार में शोघी पहुंचा।
वह चंडीगढ़ से आ रहे थे, शोघी में झाडू़ लेने के लिए रुके। वह गाड़ी में बैठा रहा और उसका साथी सामान लेने चला गया। उसकी कार के पीछे एक टैक्सी नंबर गाड़ी खड़ी थी। उसमें बैठे ड्राइवर ने कहा कि गाड़ी पीछे कर लो। लेकिन मैंने उससे कहा कि गाड़ी सेल्फ नहीं लेती।
और फिर दे दना दन
इतना कहने पर चालक गाड़ी से उतरा और उसकी गाड़ी में आकर गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश की। गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई तो उक्त चालक मारपीट पर उतर आया। इतने में ड्राइवर के दूसरे साथी भी आ गए और पीटने लगे। किसी तरह स्थानीय लोगों ने बीच बचाव किया और उन्हें तुरंत वहां से चले जाने को कहा।
इस पर वह और असिस्टेंट गाड़ी में बैठे और लोगों ने गाड़ी में धक्का लगाया। शोघी से आगे अभी मुश्किल से तीन किलोमीटर शिमला की ओर आए ही थे कि पीछे से तेज गति से एक टैक्सी नंबर की गाड़ी आई और ओवरटेक कर उनकी कार को रुकने को मजबूर किया।
गाड़ी रुकते ही हमलावर टैक्सी से उतरे और उसे कार से बाहर खींचकर उतारा। सड़क पर लेटाकर बुरी तरह पीटा। उसका असिस्टेंट डर गया और वह अंधेरे में कही गुम हो गया।
बचाने वाले को भी पीट दिया
उसकी मदद के लिए एक बीएमडब्ल्यू कार वहां रुकी और हमलावरों से बचाने की कोशिश की लेकिन उसे भी पीटा गया। लिहाजा, वह भी गाड़ी में बैठकर चला गया। इतने पर भी हमलावरों का मन नहीं भरा उन्होंने टांग और बाजू से पकड़ कर झुलाया और खाई में फेंक दिया।
किस्मत से झाड़ियों में फंस गया, लेकिन आरोपी ऊपर से पत्थर मारते रहे। करीब दस मिनट बाद आरोपी वहां से चले गए। बाद में असिस्टेंट उसे ढूंढता हुआ आया और सड़क से आवाज देने लगा। तब उसकी मदद से वह सड़क तक पहुंच पाया और किसी तरह गाड़ी में बैठकर घर पहुंचे।