जाली दस्तावेज बनाकर बेच डाली पौंग बांध विस्थापित की जमीन
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हिमाचल के पौंग बांध विस्थापितों के पुनर्वास के लिए राजस्थान में आवंटित जमीन को भू माफिया ने जाली दस्तावेज तैयार कर और फर्जी मालिक बनकर बेच दिया। नगरोटा सूरियां की पंचायत घाड़ जरोट निवासी चरणदास ने बताया कि उसे पुनर्वास के लिए राजस्थान के जिला गंगानगर की तहसील घड़साना में 6.325 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है और भूमि को कुलदीप शर्मा को काश्त करने के लिए दिया है।
जब वह राजस्थान में 19 नवंबर को कुलदीप शर्मा के साथ मिलकर काश्त करने लगा तो राजस्थान के ही हनुमानगढ़ निवासी सोहन लाल ने कहा कि यह भूमि उसने खरीद ली है। पूछने पर 17 नवंबर की खरीद रजिस्ट्री दिखाते हुए कहा कि श्रीगंगानगर के जीवन्देसर निवासी अंग्रेज सिंह से खरीदी है।
अंग्रेज सिंह ने राजस्थान निवासी भू खरीदार सोहन लाल और जसकरन सिंह के साथ मिलकर तहसील घड़साना में 9 मई को अपने नाम से मुख्त्यारे आम बनवाया और जाली दस्तावेजों को 17 नवंबर को तहसीलदार के पास पेश कर चरणदास की आवंटित भूमि को खरीद लिया।
हिमाचल के दलालों के साथ मिलकर बेच रहे जमीनें
चरणदास का कहना है कि राजस्थान में पौंग विस्थापितों के पुनर्वास के लिए आवंटित भूमि को जाली दस्तावेजों के सहारे राजस्थान का भू-माफिया हिमाचल के दलालों के साथ मिलकर बेच रहे हैं। मालिक को तब पता चलता है जब भू-माफिया जबरन कब्जा जमा लेता है।
चरण दास ने सांसद शांता कुमार से भी गुहार लगाई पर सांसद ने कोई आश्वासन नहीं दिया। पीड़ित ने केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिख कर न्याय दिलवाने की गुहार लगाई है। पीड़ित ने पुलिस थाना घड़साना में भी एफआईआर दर्ज करवाई है।
इसमें राजस्थान निवासी अंग्रेज सिंह, केवल सिंह, दया राम, चंदा सिंह, लीलाधर, गुरमीत सिंह, सोहन लाल, बनवारी लाल, जसकरन सिंह, दादू खान जोइया व नगरोटा सूरियां के आसपास के गांवों के कुछ दलालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है।
घड़साना पुलिस थाना के प्रभारी पुलिस इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने पुष्टि की है और कहा कि आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120 बी के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।