जीजा-साले की हत्या के आरोप में दो भाई गिरफ्तार, पुलिस ने ऐसे सुलझाई दोहरे हत्याकांड की गुत्थी
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शोघी-मेहली बाईपास पर वीरवार रात हुए जीजा-साले के दोहरे हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्याकांड में शामिल दोनों आरोपियों नरेश और राकेश को नाहन स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से लूटा गया 2.31 लाख का कैश भी बरामद कर लिया गया है। आरोपियों ने कुछ पैसा घर के बिस्तर के नीचे और शेष कैश घर से 50 मीटर की दूरी पर खेत में छिपा दिया था। दोनों आरोपी रिश्ते में भाई बताए जा रहे हैं।
पूरे मामले का खुलासा करने में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल की मदद ली। नाहन से आरोपियों को देर रात शिमला लाया गया। नवीन चंद्र और चंद्रपाल के दोहरे हत्याकांड मामले की छानबीन में डीआईजी व कार्यवाहक आईजी आसिफ जलाल, एसपी शिमला ओमापति जम्वाल, एएसपी प्रवीर ठाकुर और थाना प्रभारी बालूगंज दिनेश ने टीम के साथ मामले की कडि़यों को जोड़ा।
सीसीटीवी फुटेज से ऐसे मिला सुराग
एसपी शिमला ओमापति जम्वाल ने बताया कि दोहरे हत्याकांड के तुरंत बाद पुलिस की छानबीन सही दिशा में आगे बढ़ी। मैहली में सीसीटीवी फुटेज से दुर्घटनाग्रस्त वाहन समेत आरोपियों के वाहन का भी पता चल गया।
मृतकों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल जांचने के बाद पुलिस ने आरोपियों के घर में दबिश देकर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। शनिवार को मामला स्थापित होने पर आरोपियों की गिरफ्तारी दर्ज कर ली गई।
अब तक की जांच में हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ कई अहम सबूत जुटाए जा चुके हैं लेकिन जुर्म कबूलने के बाद भी आरोपी अपने बयान बदल रहे हैं। उधर, हत्याकांड में मारे गए जीजा और साले के शव पोस्टमार्टम के बाद शनिवार को परिजनों को सौंप दिए गए।
ऐसे सुलझाई पुलिस ने हत्या की गुत्थी
दोहरे हत्याकांड की जांच कर रही पुलिस टीम को मेहली आनंदपुर शोघी बाइपास पर मेहली में लगे सीसीटीवी फु टेज से दिशा मिली। पुलिस अधीक्षक ओमापति जमवाल और एएसपी प्रवीर ठाकुर ने बताया कि फुटेज में करीब बारह बजे एक आइशर ट्रक शोघी की ओर जाता नजर आया, जो आगे घटना स्थल के पास मिला।
इस पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को आटा मिल मालिक को दिखाया, तो उक्त आइशर टेंपो, जो करसोग रूट पर आटे की सप्लाई लेकर गया था। इससे आगे एक एलपी ट्रक भी नजर आया। मिल मालिक ने उसे पहचान लिया। इसे किंगल रूट पर भेजा गया था।
इसके साथ ही पुलिस ने मृतक नवीन के घर वालों से नवीन का मोबाइल नंबर लेकर उसकी कॉल डिटेल और लोकेशन का ब्यौरा निकाला। इसमें एलपी में सवार एक हत्या आरोपी नरेश और नवीन के बीच करीब साढ़े ग्यारह बजे तक अंतिम बातचीत होने का पता चला।
इन दोनों की लोकेशन भी एक ही स्थान पर पाई गई। इस पर पुलिस ने एलपी में सवार दोनों संदिग्धों से संबंधित सूचना सिरमौर पुलिस को दी। जिसके बाद सिरमौर जिला पुलिस ने दोनों को उनके घर से पकड़ा।
चारों के बीच शराब पीने के बाद हुई थी बहस
एएसपी प्रवीर ठाकुर ने बताया कि करीब साढ़े बारह बजे दोनों गाडि़यां मेहली से उक्त बाइपास पर रवाना हुईं। इससे पूर्व उन चारों की शराब पीने के बाद किसी बात को लेकर बहसबाजी भी हुई। साढ़े बारह बजे दोनों गाडि़यां मेहली से गुजरीं। इसके बाद ही दोनों आरोपियों ने घटना स्थल पर दोनों को मारा और पैसे लूटकर फरार हो गए।
यह था मामला...
वीरवार की रात को मेहली शोघी बाईपास पर करसोग की ओर से मिल से आटे की सप्लाई देकर लौट रहे जीजा नवीन चंद्र निवासी गडाबुड़ी पीओ शंभुवाला तहसील नाहन सिरमौर और साले चंद्रपाल निवासी तिरमाली डाकघर व तहसील ददाहु के शव उनकी गाड़ी के समीप लहूलुहान हालत में मिले थे। टेंपा आइशर सड़क से बाहर लटका मिला था। पुलिस ने इस पर हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पहले जुर्म कबूलने से बचते रहे, बाद में किया ये खुलासा
शिमला के शोघी में डबल मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए शिमला और सिरमौर पुलिस की संयुक्त टीम की हिरासत में आने के बावजूद आरोपी जुर्म कबूलने से बचते रहे। लेकिन लूटे गए कैश की बरामदगी के बाद आरोपियों ने आखिरकार पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया।
शुक्रवार की रात को ही पुलिस टीम शंभुवाला में दबिश देने पहुंच गई थी। इसके बाद शंभुवाला से करीब 5 किलोमीटर दूर कून नेहरला में भी तलाश की गई। शक के आधार पर दो आरोपियों से लंबी पूछताछ चली। दोनों आरोपी सगे भाई हैं।
रातभर चली पूछताछ में दोनों ने हत्या संबंधी कोई राज नहीं उगला। सुबह के समय पुलिस ने बनकला पंचायत प्रधान के प्रधान को भी वारदात की सूचना दी और जांच में सहयोग मांगा। इसके बाद पंचायत प्रधान तपिंद्र शर्मा भी सुबह करीब साढे़ 8 बजे ही कून नेहरला पहुंच गए।
दोपहर तक पुलिस को हाथ नहीं लगा कोई सुराग
दिनभर पूछताछ के बाद भी दोपहर तक पुलिस को कोई सुराग हाथ नहीं लगा। लेकिन, जांच के दौरान पुलिस की तफ्तीश तब आगे बढ़ी जब एक आरोपी व्यक्ति के घर से ही पुलिस को 91 हजार रुपये की राशि मिल गई।
बावजूद इसके भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिए व्यक्ति ने अपना जुर्म नहीं कबूला। ठीक 2 बजकर 4 मिनट पर शिमला व एसआईयू की टीम दोनों व्यक्तियों को दूसरे घर ले गई।
पुलिस को आशंका थी कि जब एक घर से हजारों की राशि हाथ लगी है तो दूसरे घर से भी कुछ बरामदगी हो सकती है। इसके आधार पर ही पुलिस एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित व्यक्ति के दूसरे घर पहुंची। इस दौरान पुलिस ने एक व्यक्ति को गाड़ी में ही बिठाए रखा।
मंडर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए इनका भी मिला सहयोग
वहीं पुलिस की एक टीम गाड़ी में ही पूछताछ करने में लगी थी। सारे पैसे बरामद होने के बाद पुलिस ने दोनों से सच्चाई भी उगलवा दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। शिमला पुलिस दोनों को साथ ले गई।
बता दें कि दोनों आरोपी सगे भाई हैं। कून नेहरला में दोनों भाईयों के साथ साथ ही अलग अलग घर हैं। पुलिस को मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए स्थानीय पंचायत प्रधान का भी सहयोग लेना पड़ा।