{"_id":"5a79b9ef4f1c1ba32a8b5fa0","slug":"police-arrested-md-of-industrial-unit-in-one-crore-epf-scam","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एक करोड़ के ईपीएफ के गबन में उद्योग का एमडी गिरफ्तार, यहां जानिए पूरा मामला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एक करोड़ के ईपीएफ के गबन में उद्योग का एमडी गिरफ्तार, यहां जानिए पूरा मामला
अमर उजाला ब्यूरो, बद्दी (सोलन)
Updated Wed, 07 Feb 2018 09:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक उद्योग के एमडी ने कामगारों का एक करोड़ रुपये से ज्यादा ईपीएफ का पैसा डकार लिया। कामगारों के ईपीएफ (कर्मचारी भविष्य निधि) के पैसे डकारने वाले मुख्य आरोपी एक उद्योग के प्रबंध निदेशक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
इस हाई प्रोफाइल मामले के तार बड़े लोगों से जुड़े हुए हैं। आरोप है कि एमडी ने उद्योग के 500 से अधिक कामगारों का एक करोड़ से ज्यादा पैसा ईपीएफ ऑर्गेनाइेजशन (ईपीएफओ) के पास जमा ही नहीं करवाया।
विज्ञापन
एसपी बद्दी गौरव सिंह ने उद्योग के एमडी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
विज्ञापन
ऐसे सामने आया पूरा मामला
पुलिस के अनुसार ईपीएफ घोटाले का मुख्य आरोपी स्टेसलिट कंपनी का प्रबंध निदेशक विजय कुमार पब्बी (69) पुत्र नत्था सिंह निवासी मोहाली है। वह रेलवे से मेकेनिकल इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त है। बद्दी में रेलवे पार्ट बनाने का उद्योग चलाता है।
इस मामले में 27 अक्तूबर, 2016 को धारा 406 और 409 के तहत मुकदमा दर्ज है, जिसे ईपीएफओ ने दर्ज करवाया है। ईपीएफओ के मुताबिक कंपनी के कामगारों के ईपीएफ के पैसे उक्त एमडी ने जमा नहीं करवाए, जिसके लिए कंपनी के एमडी को कई बार नोटिस दिए गए।
नोटिस का जवाब न देने और ईपीएफओ के आदेशों की अनदेखी पर उन्होंने यह मामला पुलिस के सुपुर्द किया, जिस पर पुलिस ने काफी जांच-पड़ताल की और आखिरकार पुलिस ने इस मामले में उद्योग के एमडी को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में 27 अक्तूबर, 2016 को धारा 406 और 409 के तहत मुकदमा दर्ज है, जिसे ईपीएफओ ने दर्ज करवाया है। ईपीएफओ के मुताबिक कंपनी के कामगारों के ईपीएफ के पैसे उक्त एमडी ने जमा नहीं करवाए, जिसके लिए कंपनी के एमडी को कई बार नोटिस दिए गए।
नोटिस का जवाब न देने और ईपीएफओ के आदेशों की अनदेखी पर उन्होंने यह मामला पुलिस के सुपुर्द किया, जिस पर पुलिस ने काफी जांच-पड़ताल की और आखिरकार पुलिस ने इस मामले में उद्योग के एमडी को गिरफ्तार कर लिया है।