चेकअप के लिए लाइन में खड़े होने को कहा तो महिला चिकित्सक को दे दी अपहरण की धमकी
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ड्यूटी के दौरान महिला चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा घटना में उपमंडल सुदंरनगर के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी में गर्भवती महिलाओं की जांच कर रही महिला चिकित्सक को ब्लड प्रेशर के रोगी ने अपहरण और जान से मारने की धमकी दे डाली। आरोपी ब्लड प्रेशर की जांच कराने चिकित्सा केंद्र आया था, लेकिन महिला चिकित्सक ने उसे लाइन में होकर बारी का इंतजार करने को कहा।
इसी से गुस्साए मरीज ने धमकियां दे डालीं। घबराई चिकित्सक ने फौरन ओपीडी बंद कर बीएमओ, पुलिस चौकी डैहर और मेडिकल आफिसर एसोसिएशन को घटना की सूचना दी। पुलिस ने शिकायत पर आईपीसी की धारा 353, 504 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी फरार बताया जा रहा है। इस घटना के चलते एक घंटे तक ओपीडी नहीं चल सकी। सीएचसी में दो ही महिला चिकित्सक हैं। उधर, थाना प्रभारी सुंदरनगर गुरबचन सिंह ने बताया कि आरोपी की पहचान सुरेश कुमार पुत्र घनूराम निवासी रोपा गुलाणु तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
छह माह में दुर्व्यवहार का चौथा मामला
जिले में 6 माह में इस तरह का चौथा मामला सामने आया है। इससे पूर्व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डैहर में ही महिला चिकित्सक के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया था। उसके बाद सराज के थाची, रिवालसर और अब डैहर में तैनात महिला चिकित्सक के साथ एक मरीज ने अभद्र व्यवहार कर उसे ड्यूटी के बाद अगवा करने की धमकी दी।
गैर जमानती धारा की नोटिफिकेशन लागू करे सरकार
जिला मंडी मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र रुदकी व महासचिव विशाल जंवाल ने महिला चिकित्सकों के साथ बढ़ती दुर्व्यवहार की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपी की जल्द धरपकड़ की मांग की है।
उन्होंने सरकार से सभी अस्पतालों में सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति करने समेत मेडिकल पर्सन एक्ट 2015 में संशोधन की तत्काल अधिसूचना जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों से साथ अभद्र व्यवहार को गैर जमानती बनाया गया है लेकिन इस बाबत अभी तक नोटिफिकेशन लागू नहीं की गई है। सरकार ने कड़ा संज्ञान नहीं लिया तो चिकित्सकों को हड़ताल पर उतरना होगा।