पेशेंट ने खोया आपा, और फिर डॉक्टर को दे दना दन...
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ईएसआई अस्पताल परवाणू में आंखों के ऑपरेशन को आए पेशेंट को जब जांच के लिए चक्कर कटवाए गए तो वह आपा खो बैठा।
पेशेंट ने पहले डॉक्टर पर हमला किया। सिर पर मुक्के बरसाए। गुस्साए युवक ने बाद में पुलिस के सामने अस्पताल में तोड़फोड़ भी की।
हालांकि पुलिस कर्मियों ने युवक को पकड़कर स्थिति पर नियंत्रण किया। घटना के बाद डॉक्टरों ने शाम चार बजे तक काम बंद रखा।
पुलिस के अनुसार पेशेंट का कहना है कि शनिवार को वह ईएसआई अस्पताल में आंखों की ओपीडी में डॉक्टर के पास चेकअप के लिए पहुंचा।
डॉक्टर ने कहा कि आंखों के आपरेशन से पहले तुम्हारा ईसीजी होगा।
सब पर भारी पड़ा
ईसीजी रूम में बताया गया ईसीजी तो ठीक है, लगता है तुम्हें थायरायड की समस्या है। तुम पहले थायरायड का टेस्ट करवाने लैब में जाओ। लैब में पहुंचा तो बताया कि भाई थायराड का टेस्ट यहां नहीं होता।
कहीं बाहर होगा, इसकी रिपोर्ट भी देरी बाद आती है। सुबह करीब 10 बजे से इलाज के लिए भटक रहे युवा पेशेंट ने दोपहर करीब 12.30 पर आपा खो दिया।
आई ओपीडी में घुसकर डाक्टर के सिर पर मुक्के बरसाने शुरू कर दिए। ओपीडी के बाहर खड़े रिश्तेदार पहुंचे और युवक को पकड़ लिया। सूचना पुलिस को दी गई। गुस्साया लड़का सब पर भारी पड़ा।
उसने अस्पताल का के शीशे को तोड़ता हुआ बाहर की तरफ दौड़ा। पुलिस पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
डॉक्टर गुस्साए, चार बजे तक काम बंद
इस प्रकरण के बाद गुस्साए डाक्टरों ने साढ़े बारह बजे के बाद कामकाज ठप कर दिया। एसएमओ के पास शिकायत लेकर पहुंचे डॉक्टरों ने सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग रखी।
चार बजे तक काम ठप रखा। इससे पेशेंट्स को परेशानी उठानी पड़ी।
रात को कौन करेगा पहरेदारी?
डॉक्टरों ने कहा कि रात को महिला डाक्टर भी ड्यूटी पर रहती हैं। ऐसे में सुरक्षा का जिम्मा कौन उठाएगा।
उन्होंने प्रशासन से पुलिस सिक्योरिटी की मांग उठाई। सूचना मिलते ही सह आयुक्त मोहन चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन से बात की जाएगी।
आपरेशन से पहले औपचारिकताएं जरूरी
एसएमओ डा. संध्या गार्गिया ने कहा कि आपरेशन के पहले ईसीजी और तमाम औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। इसके लिए टेस्ट लिखे जाते हैं, जिससे की पेशेंट की जान को खतरा न हो। पेशेंट्स को संयम बरतना चाहिए। यह सब औपचारिकताएं उनकी बेहतरी के लिए हैं।
मानसिक रुप से परेशान है
संबंधित डॉक्टर के मुताबिक युवक मानसिक रूप से परेशान है।जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। इससे पहले वह अपनी दूसरी आंख का इलाज भी करवा चुका है। अपनी मां के साथ भी अक्सर इलाज के लिए आता है।
पूछताछ में सही जवाब दे रहा
डीएसपी सुशील शर्मा ने कहा कि युवक से पूछताछ की जा रही है। सभी सवालों के जवाब सही दे रहा है। पुलिस ने किसी के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया है।