वित्तीय अनियमितता के दोषी पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य को किया बर्खास्त
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हिमाचल के सोलन जिले के अर्की में चम्यावल पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य को विकास कार्य करवाने में वित्तीय अनियमितता बरतने पर पद से बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों के खिलाफ स्थानीय लोगों ने शिकायत दी थी।
लोगों का आरोप था कि पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य ने क्षेत्र में करवाए कार्य के लिए बैंक खाते के बजाय नकद भुगतान किया। वहीं चिह्नित क्षेत्र में कार्य न करवाकर उस कार्य को अन्य स्थान पर करवा दिया।
इसके अलावा भी इन प्रतिनिधियों पर कई आरोप लगाए गए थे। जिला प्रशासन ने इन शिकायतों और आरोपों के आधार पर जांच करवाई। जांच में दोनों प्रतिनिधि पंचायत प्रधान परमेंद्र ठाकुर और वार्ड सदस्य सुरेंद्र कुमार दोषी पाए गए हैं।
इसके बाद जिला प्रशासन ने दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किए। ये प्रतिनिधि नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उपायुक्त सोलन ने पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य को उनके पद से हटा दिया है। अब ये छह साल तक चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
छह साल तक चुनावों में भाग लेने पर लगी रोक
उपायुक्त सोलन केसी चमन ने बताया कि चम्यावल पंचायत प्रधान और वार्ड सदस्य के खिलाफ विकास कार्यों को सही ढंग न करने की शिकायत की गई थी जिसकी जांच करवाई गई।
इसमें अनियमितता पाए जाने पर दोनों प्रतिनिधियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। वे नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं दी सके। इसके बाद उन्हें पद से हटा दिया गया है। ये दोनों आगामी छह सालों के लिए चुनावों में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।