पालमपुर गैंगरेपः पकड़े गए तीन दरिंदे, SP ने बताया क्यों था ब्लाइंड केस
पालमपुर गैंगरेप के बाद से फरार चल रहे पांच में से तीन आरोपियों को कांगड़ा पुलिस ने वारदात के दसवें दिन उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी यहां से नेपाल भागने की फिराक में थे। तीनों आरोपी बालिग हैं और उन्हें पालमपुर लाया जा रहा है।
इस मामले में पुलिस दो नाबालिग आरोपियों और एक पनाह देने वाले को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। बता दें कि 26 अप्रैल को एक नाबालिग छात्रा अपने कॉलेज के दोस्त के साथ बाइक पर पालमपुर के गढ़ माता मंदिर में माथा टेकने गई।
लौटते समय पांच आरोपियों ने दोस्त को बंधक बनाकर नाबालिगा से जंगल में गैंगरेप किया और फरार हो गए। एसपी कांगड़ा संतोष पटियाल ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से फरार तीन आरोपियों अजय, नीशू और शशि को गोरखपुर से गिरफ्तार कर लिया है।
उन्हें पालमपुर लाया जा रहा है, जहां उनकी शिनाख्त करवाई जाएगी।
ऐसे पकड़ में आए तीनों
उन्होंने कहा कि तीनों आरोपी स्थानीय हैं और मेलों में अस्थायी दुकानें लगाया करते थे। बताया जा रहा है वे मुजफ्फरनगर में अपने किसी रिश्तेदार के यहां भी रुके थे। उसके बाद गोरखपुर पहुंच गए। एसपी ने कहा कि तीनों आरोपी शातिर थे। वे अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। इसी के चलते उन्हें पकड़ने में समय लगा।
तीनों आरोपी जहां रह रहे थे, वहां से अपने परिजनों और जानने वालों को फोन करते थे। उनके फोन बंद थे, इसलिए पुलिस ने उनके रिश्तेदारों के फोन सर्विलांस पर रखे थे। इसी से लीड मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश में हैं। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर गोरखपुर पुलिस को फोटो और सूचना मुहैया करवाई और जाल बिछाकर दबोच लिया।