फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   One crore rupee fraud with himachal retired chief engineer

हिमाचल के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर से एक करोड़ की ठगी

Mon, 03 Sep 2018 12:45 PM IST
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 03 Sep 2018 12:45 PM IST
विज्ञापन
One crore rupee fraud with himachal retired chief engineer

इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह खासकर बुजुर्ग लोगों को निशाना बनाता था। आरोपियों ने हिमाचल प्रदेश के रिटायर्ड चीफ इंजीनियर से करीब एक करोड़ रुपये की ठगी की है। दिल्ली पुलिस व हिमाचल प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर चार आरोपियों रोहित रॉय (27), इशान किरार (21), अभिषेक विरमानी (21) और विवेक रे (23) को गीता कॉलोनी से गिरफ्तार किया है।

विज्ञापन


पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी अब तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड से चीफ इंजीनियर पद से रिटायर्ड व सीनियर सिटीजन भूपिंद्र किशोर रामफल (80) ने नुरपूर थाना पुलिस, कांगड़ा हिमालच में ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि उनके पास दो-तीन वर्षों से फोन आ रहे थे।
विज्ञापन


फोन करने वालों ने खुद को आरबीआई अधिकारी बताया और इंश्योरेंस पॉलिसी के नाम पर बोनस व अतिरिक्त पैसा देने का झांसा दिया। आरोपियों के कहने पर भूपिंद्र किशोर रामफल ने उनके बताए खातों में करीब एक करोड़ रुपये जमा कर दिए थे। इस मामले को थाना नुरपूर कांगड़ा हिमाचल पुलिस जांच कर रही थी। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा से सहायता मांगी। दिल्ली पुलिस व हिमाचल पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर चार आरोपियों को गीता कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

कई तरह के टैक्स के नाम पर वसूलते थे पैसा

One crore rupee fraud with himachal retired chief engineer

आरोपी रोहित रॉय के पिता की स्पेयर पार्ट्र्स बनाने की फैक्टरी है। ये वर्ष 2013 से कॉल सेंटर में काम कर रहा था। इसी दौरान आरोपी इशान किरार, अभिषेक व विवेक रे के साथ ठगी करने लगा। ये लोगों को फोन कर खुद को आरबीआई का मैनेजर बताता था। इशान किरार के पिता की एसी के स्पेयर पार्ट्स की दुकान थी। इशान आरबीआई का फर्जी डायरेक्टर बनता था।

अभिषेक पीड़ितों को मेल भेजता था। विवेक खुद को असिस्टेंट बताता था। सभी आरोपियों ने अपना करियर कॉल सेंटरों से शुरू किया था। ये लोगों को फोन कर पॉलिसी के नाम पर बोनस व अधिक मुनाफा देने का लालच देकर ठगी करते थे। आरोपी ऐसे लोगों को अपना शिकार बनाते थे जो रिटायर्ड थे।

कोई पीड़ित इनके दिए गए अकाउंट में पैसा जमा कराता था तो आरोपी इंश्योरेंस की एनओसी, आयकर पेमेंट और सर्विस टैक्स पेमेंट के नाम पर मोटी रकम लेते थे। इसके बाद गायब हो जाते थे। आरोपियों ने अपने परिजनों को बता रखा था कि वह कॉल सेंटर में काम करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed