युग अपहरण और हत्या मामले में 5 सितंबर तक टला फैसला
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत में चल रहे चार वर्षीय बच्चे युग के अपहरण और हत्या मामले में फैसला पांच सितंबर तक टल गया है। इस मामले में दोषी करार दिए गए चंद्र शर्मा, तेजिंद्र पाल और विक्रांत बक्शी को बुधवार को अदालत में पेश किया गया।
पुलिस के कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच इन तीनों को अदालत में लाया गया और इनके चेहरों से नकाब को निकालकर पेश किया गया। अब पांच सितंबर को तीनों को सजा सुनाई जा सकती है।
बुधवार को युग के पिता विनोद गुप्ता, माता पिंकी गुप्ता और दादी चंद्रकला सहित अन्य परिजन भी इसी उम्मीद से अदालत में पहुंचे थे कि तमाम प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद तीनों को सजा सुना दी जाएगी।
सजा न सुनाए जाने के कारण परिजन मायूस
मगर सजा न सुनाए जाने के कारण वे मायूस हो गए। सुबह दस बजे ही तीनों दोषियों को कंडा जेल से अदालत परिसर में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच पहुंचाया गया। इसके साथ ही सुबह 10:05 पर युग की मां, पिता और दादी पहुंच गई थी।
11:10 बजे लॉकअप से तीनों को अदालत में लाया गया। यहां मुश्किल से दो मिनट में उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की गई और तीनों को पुलिस की सुरक्षा के बीच वापस कंडा जेल ले जाया गया।