मूलिंग पुल की जांच में अधिकारियों पर गिरी गाज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मूलिंग पुल गिरने की जांच के लिए टीम में बदलाव किया गया है। लोक निर्माण विभाग चिनाव मंडल उदयपुर के अधिकारियों को जांच टीम से हटा दिया गया है।
अब मंडी के चीफ इंजीनियर के साथ शिमला मेकेनिकल एससी और कुल्लू के एससी को शामिल किया गया है। टीम को मूलिंग पुल के दो सैंपल लेने के आदेश दिए हैं।
एक सैंपल की जांच शिमला लोक निर्माण विभाग की लैब में होगी जबकि दूसरा सैंपल बाहरी राज्य में गुणवत्ता की परख के लिए भेजा जाएगा।
मुख्यालय की बैठक में उठा मामला
सूत्रों ने बताया कि मूलिंग पुल में अफसर भी लपेटे में आएंगे। पुल टूटने के मामले को लेकर सोमवार को लोक निर्माण मुख्यालय में बैठक बुलाई गई।
इसमें मंडी के चीफ इंजीनियर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। टीम को हेलीकॉप्टर से मौके पर जाना था लेकिन खराब मौसम होने की वजह से उड़ान नहीं हो पाई।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मूलिंग पुल में स्थानीय लोक निर्माण विभाग के अफसरों को जांच टीम से इसलिए हटाया गया चूंकि दबाव के चलते टीम जांच प्रभावित हो सकती है। इसलिए अलग-अलग जोन के अफसरों की जांच टीम बनाई गई है।
50 लाख की पेमेंट बकाया
मूलिंग पुल में काम करने वाले एक ठेकेदार की 50 लाख रुपये की पेमेंट लोक निर्माण विभाग के पास बची है। कुल ठेका साढ़े चार करोड़ में हुआ है।
विभाग का कहना है कि टीम ने सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट विभाग को देनी है। इसके बाद विभाग कार्रवाई होगी।
गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा। पुल टूटा है, इसके पीछे क्या कारण रहा होगा जांच करने के बाद ही खुलासा होगा।
ईएनसी लोक निर्माण विभाग नरेश शर्मा ने कहा कि घटिया सामग्री इस्तेमाल होने पर ठेकेदार से रिकवरी होगी। लोनिवि उदयपुर के अफसर जांच टीम में नहीं होंगे।