छात्राओं को अपने घर बुलाता था टीचर, सस्पेंड
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स्कूल की छात्राओं को टीचर अपने घर बुलाता था। स्कूल में उनसे गलत व्यवहार भी करता था। छात्राओं ने तंग आकर इसकी शिकायत स्कूल प्रबंधन से की। बाद में जब विभाग ने जांच की तो आरोप सही पाए गए। आखिरकार इस टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है। मामला हिमाचल के जिला चंबा का है। यहां एक साथ दो जेबीटी शिक्षकों को निलंबित किया गया है।
एक को छात्राओं से दुर्व्यवहार और दूसरे को अधिकारियों से दुर्व्यवहार का दोषी पाया गया है। शिक्षा खंड सुंडला के तहत हुए निलंबन में शिक्षक पर छात्राओं से दुर्व्यवहार और उन्हें घर बुलाने के आरोप की जांच में आरोप सही पाए जाने पर गाज गिरी है। विभाग ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है। शिक्षा विभाग इन आरोपों की जांच कर रहा था और जांच पूरी होने के बाद यह निर्णय लिया गया है।
निलंबन के दौरान शिक्षक चंबा मुख्यालय में तैनात रहेगा। शिक्षा विभाग ने इस मामले में संबंधित स्कूल के छात्राओं से भी बातचीत की है। वहीं, खैरी शिक्षा खंड के तहत एक अन्य जेबीटी शिक्षक को निलंबित किया है। जेबीटी शिक्षक पर अनुशासनहीनता का आरोप है।
शिकायतों पर तहसीलदार मंडी सस्पेंड
उधर, प्रदेश सरकार ने बार-बार मिल रही शिकायतों के आधार पर मंडी सदर के तहसीलदार अजय पराशर को सस्पेंड कर दिया है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव की ओर से सस्पेंड आर्डर जारी करके जिला उपायुक्त मंडी को पत्र जारी कर सूचित किया गया। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव की ओर से जारी आदेशों में सदर के तहसीलदार को अलग-अलग शिकायतों के आधार पर सस्पेंड करने की कार्रवाई की गई है।
मंडी सदर के तहसीलदार के खिलाफ बार-बार मिल रही शिकायतों पर प्रदेश सरकार ने उक्त अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव की ओर से जारी सस्पेंड आर्डर के आदेश जिला उपायुक्त मंडी के पास पहुंच गए हैं। बुधवार को जिला उपायुक्त ने सरकार की ओर से मिले आदेशों के बारे में तहसीलदार को विभागीय पत्र जारी करते हुए सूचित किया है।
तहसीलदार को पहले भी दो मामलों में विभाग की ओर से चार्जशीट किया जा चुका है और दोनों मामलों की जांच चल रही है। सरकार के पास पहुंची अलग-अलग शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तहसीलदार के सस्पेंड आर्डर जारी किए गए।