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मेडिकल कॉलेज की प्रशिक्षु ने बताया अपनी जान को खतरा, पढें पूरा मामला

Tue, 18 Jun 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 18 Jun 2019 05:00 AM IST
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Medical College girl trainee threatens of his life in solan

निजी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रही प्रशिक्षु डॉक्टर को जान का खतरा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) को पत्र लिखने की वजह से उसे प्रताड़ना और जान के खतरे से जूझना पड़ रहा है।

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छात्रा पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। उसे फोन पर धमकियां दी जा रही हैं। हरियाणा की रहने वाली प्रशिक्षु डॉक्टर ने अंतिम परीक्षा से ठीक पहले अचानक लाखों की फीस मांगने पर आपत्ति जताई थी।
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जब मेडिकल कॉलेज ने सकारात्मक जवाब नहीं दिया तो उसने पीएमओ में शिकायत कर दी। निजी शैक्षणिक संस्थान रेगुलेटरी कमीशन मामले की जांच कर रहा है। कमीशन की एक टीम मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु और स्टाफ से पूछताछ कर चुकी है। संस्थान के खिलाफ जांच दो माह में पूरी होने की संभावना है। 

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कमीशन मामले को कार्रवाई के लिए प्रस्तावित करेगा

जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कमीशन मामले को कार्रवाई के लिए प्रस्तावित करेगा। जांच में कमीशन को कई और शिकायतें भी मिली हैं। इनमें प्रशिक्षुओं को भय दिखाकर प्रताड़ित करना और उनके अभिभावकों से मनमानी वसूली करने जैसे संगीन आरोप शामिल हैं।

निजी मेडिकल कॉलेज में करीब 45 प्रशिक्षु डॉक्टरों ने शिकायत दर्ज करवाई है। यह सभी प्रशिक्षु 2013 बैच के छात्र हैं। मामला उजागर होने के बाद अब प्रशिक्षु डॉक्टरों को संस्थान में प्रताड़ित किया जा रहा है।

कमीशन प्रशिक्षुओं के दिए बयानों की सत्यता की जांच भी जारी है। उधर, प्रशिक्षु डॉक्टरों के अभिभावक इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। 

जल्द पूरी होगी जांच : कमीशन 

निजी शैक्षणिक संस्थान रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष केके कटोच का कहना है कि मामले पर जांच जारी है। तथ्य जुटाए गए हैं। जांच जल्द पूरी की जाएगी। जो भी निचोड़ सामने आएगा, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई होगी। अभी तक जांच चल रही है। ऐसे में सामने आए तथ्यों का खुलासा नहीं किया जा सकता है। कमीशन प्रयास कर रहा है कि पूरा मामला जल्द हल हो। 

तय नियमों के आधार पर ले रहे फीस : संस्थान 
निजी कॉलेज के रजिस्ट्रार अजय का कहना है कि मेडिकल कॉलेज की फीस सरकार तय करती है और संस्थान में सरकार आधारित फीस ही ली जा रही है। किसी भी प्रशिक्षु से ज्यादा फीस नहीं ली जा रही। उन्होंने कहा कि पीएमओ में शिकायत के संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है इसलिए वे इस पर कोई कमेंट नहीं दे पाएंगे।
 
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