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अतिरिक्त सचिव बनकर फर्जी नियुक्ति पत्र बांट रहा नटवर लाल धरा
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 18 Aug 2016 10:40 AM IST
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हिमाचल प्रदेश सचिवालय के साथ लगते एक निजी होटल से सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले एक शातिर को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान परीक्षित आजाद के तौर पर हुई है। इसके पास से जाली मुहरें और खाली फर्जी नियुक्ति पत्र भी मिले हैं।
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आरोपी पटवारी की नियुक्ति के अलावा प्रदेश सचिवालय में चपरासी की नौकरी दिला देने का दावा करता था यह खुद को अतिरिक्त सचिव बताता था। इसका भंडा तब फूटा जब उसने एक व्यक्ति को नियुक्ति पत्र जारी किया। सचिवालय में जाकर उसे पता चला कि यह फर्जी है और यहां इस नाम का कोई भी अतिरिक्त सचिव नहीं है।
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पुलिस से मिली सूचना के मुताबिक आरोपी कोटखाई इलाके का रहने वाला है। शिमला में आरोपी ने अजय ठाकुर नाम के व्यक्ति की टैक्सी किराये पर ली और उससे कहा कि वह प्रदेश सचिवालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात है। उसकी बातों पर अजय ने यकीन कर लिया।
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आरोपी ने उससे कहा कि आजकल सचिवालय में चपरासी के पद भरे जा रहे हैं और इसके अलावा पटवारियों की भी नियुक्ति की जा रही है अगर वह चाहे तो उसकी मदद कर सकता है। इसके साथ ही आरोपी ने अजय को अपना मोबाइल नंबर दे दिया। अगले दिन अजय ने आरोपी को कॉल कर कहा कि उसे और उसकी पत्नी को सरकारी नौकरी पर लगा दे।
इस पर आरोपी ने अजय को बुलाया और कहा कि इस काम को करने के लिए कुछ पैसे लगेंगे। अजय ने इसके लिए हामी भरी और आरोपी को 20 हजार 500 रुपये दे दिए। इनमें से 5500 रुपये आरोपी के बैंक खाते में जमा करा दिए। कुछ दिनों की टालमटोल के
बाद आरोपी ने अजय को चपरासी का और उसकी पत्नी को पटवारी हेल्पर का नियुक्ति पत्र दिया। जल्द ही अजय को पता चल गया कि यह नियुक्ति पत्र जाली है और उसके साथ ठगी हुई है। एसपी डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि शिकायत के आधार पर थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी को भी हिरासत में ले लिया गया है।
2200 रुपये दे रहा था एक दिन का किराया
आरोपी छोटा शिमला में एक निजी होटल में एक डेढ़ महीने से होटल में ठहरा हुआ था। वह प्रतिदिन एक कमरे का 2200 रुपये चुका रहा था। शुरूआती पूछताछ में आरोपी ने अलग अलग लोगों से करीब तीन लाख की ठगी करने की बात स्वीकार की है। हालांकि पुलिस को अंदेशा है कि इसके ठगी के शिकारों की लंबी फेहरिस्त हो सकती है। जिसकी जांच की जा रही है।
लॉ छोड़ी, ठगी कर दी शुरू
आरोपी लॉ की पढ़ाई कर रहा था लेकिन इसने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी।