फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Land scam by panchayat pradhan in shimla

दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर पंचायत प्रधान ने कब्जा ली जमीन

Sat, 29 Oct 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 29 Oct 2016 12:03 AM IST
विज्ञापन
Land scam by panchayat pradhan in shimla

छोटा शिमला थाना में करीब दो साल पहले दर्ज हुए मुकदमे की सीआईडी जांच में सत्ताधारी पार्टी से जुड़े एक प्रधान की ओर से दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर पंचायत की जमीन कब्जाने का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर जांच कर रही सीआईडी की जांच के दौरान फर्जीवाड़े के साथ ही शिमला पुलिस की करतूत भी सामने आ गई।

विज्ञापन


जांच में मिले सबूतों के आधार पर सीआईडी ने शिमला प्रशासन से आरोपी प्रधान के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मांगी थी। डीसी शिमला ने आरोपी प्रधान के खिलाफ अभियोजन मंजूरी दे दी। जिसके बाद अब सीआईडी ने कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। बता दें, साल 2014 में शिमला से सटी एक पंचायत प्रधान के खिलाफ साल 2014 में धोखाधड़ी कर पंचायत की जमीन अपने परिवार के सदस्यों के नाम करने का मामला सामने आया।
विज्ञापन


आरटीआई कार्यकर्ता गोविंद शांडिल क ी शिकायत पर तत्कालीन एएसआई राम लाल ने छोटा शिमला थाने में प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद जब सीआईडी को जांच मिली तो आरोपी के फर्जीवाड़े की असलियत सामने आ गई। सीआईडी को कई ऐसे सबूत मिले जिनसे यह साबित हो गया कि उसने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


खास बात यह है कि सीआईडी ने इस मामले में भी वैज्ञानिक जांच का सहारा लिया और हर सबूत को वैज्ञानिक रूप से पुष्ट किया। इसके बाद प्रधान के खिलाफ अभियोजन मंजूरी मिलने के बाद सीआईडी ने सीजेएम कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।

शिमला पुलिस ने खारिज कर दिए थे आरोप
जिस समय मामला दर्ज हुआ और तत्कालीन एएसआई रामलाल ने जांच शुरू की तो शिमला पुलिस के आला अधिकारियों ने ही आरोपों को खारिज कर दिया था। यही नहीं, उन्होंने आरोपी प्रधान को बचाते हुए अन्य लोगों पर ही जांच केंद्रित कर दी थी। 


हालांकि शिमला पुलिस के इस खेल के खिलाफ पीड़ित ने हाईकोर्ट से किसी और जांच एजेंसी से जांच कराने की गुजारिश की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सीआईडी को जांच के निर्देश दिए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed