18 साल से बच रहे आईएएस की अब आई बारी!
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18 साल से यहां-वहां झूल रहे एक मामले में स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा शुरू करने की तैयारी कर ली है।
विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले की एक बार फिर से जांच पूरी कर इसे सरकार को भेज दिया है। यह मामला पिछले लगभग दो दशकों से विजिलेंस ब्यूरो और सरकार के बीच झूल रहा है। अधिकारी पर एक जनजातीय जिले में सेवाएं देते हुए वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।
यह मामला विजिलेंस ब्यूरो में वर्ष 1996 में दर्ज किया गया था। तबसे लेकर यह सिरे लगने का नाम नहीं ले रहा। पहले मामले की जांच पूरी की गई। फिर इसे अभियोजन मंजूरी को सरकार को भेजा गया। फिर इस पर टिप्पणी लगाकर सरकार ने वापस विजिलेंस को भेजा। एक बार तो इसकी अनट्रेस रिपोर्ट भी बना दी गई।
सरकार को भेजी फाइल
यही सिलसिला सालों से चल रहा है। कुछ साल पहले इसकी फाइल विजिलेंस ब्यूरो में फिर से खोल दी गई। विजिलेंस ने मामले को अभियोजन मंजूरी को चार साल पहले भी भेजा था।
उसके बाद कुछ टिप्पणी के साथ फाइल वापस विजिलेंस को भेजी गई। नए सिरे से जांच पूरा होने के बाद अब इस मामले की चार्जशीट बनाकर फिर से सरकार को भेजी गई है।
वर्तमान में यह मामला अभियोजन मंजूरी के लिए मुख्य सचिव कार्यालय में विचाराधीन है। विजिलेंस के पुलिस उपमहानिरीक्षक एके शारदा ने इसकी पुष्टि की कि इस मामले की फाइल सरकार को भेजी गई है।