फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   high court ordered cbi to register case against three police man

फर्जी केस बनाने, फिरौती मांगने पर तीन पुलिस कर्मियों पर दर्ज करो केस : कोर्ट

Sun, 03 Dec 2017 09:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sun, 03 Dec 2017 09:01 AM IST
विज्ञापन
high court ordered cbi to register case against three police man
हिमाचल हाईकोर्ट

गुडि़या प्रकरण में फजीहत करवा चुकी हिमाचल पुलिस के तीन और कर्मचारियों पर फर्जी केस बनाने और फिरौती मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रदेश हाईकोर्ट ने अब सीबीआई को एसआई, एएसआई, कांस्टेबल समेत पांच लोगों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। 

विज्ञापन






कोर्ट ने यह आदेश प्रार्थी रवि कुमार की ओर दायर जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किए। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मामले की प्रारंभिक जांच की थी 
विज्ञापन


जिसमें यह बात सामने आई थी कि पुलिस थाना सदर मंडी में तैनात एसआई जय लाल, इसी थाने के तहत पुलिस सिटी चौकी मंडी में तैनात एएसआई राम लाल व कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने हरियाणा के जींद निवासी मंजीत कुमार के साथ मिलकर शिकायतकर्ता रवि कुमार के खिलाफ मादक पदार्थ रखने का झूठा मामला बनाया और उससे 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

ये है पूरा मामला

high court ordered cbi to register case against three police man

हरियाणा के गुरुग्राम निवासी प्रार्थी रवि कुमार का आरोप है कि फर्जी मुकदमा बनाकर फंसाने की शिकायत उसके पिता रमेश चंद ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से की थी। पुलिस कर्मियों के खिलाफ  जांच की गई और बिना किसी ठोस कारण के आरोपी पुलिसवालों को क्लीन चिट दे दी गई।

रमेश का आरोप है कि मंजीत तस्करी से जुड़ा है और उसके हिमाचल पुलिस व जेल कर्मचारियों से संबंध हैं। यही नहीं, साजिश के तहत मंजीत ने उसके बेटे को पुलिस की उपस्थिति में बुलाया। होटल, गुरुद्वारे के अलावा अन्य स्थानों पर रोके रखा और 20 लाख रुपये की मांग की।

जब पैसे नहीं दिए तो उसके बेटे को इस मामले में फंसवा दिया। रमेश चंद के  इसी आरोप के आधार पर हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने प्रारंभिक जांच कराई। जांच में पाया कि राम लाल, प्रदीप कुमार, मंजीत व रवि कुमार एक दूसरे के संपर्क में थे।

मंजीत सिंह व रवि पर आपराधिक मामले दर्ज हुए थे मगर बाद में बरी हो गए थे। बरी होने के बावजूद मंजीत क्यों इन पुलिस कर्मियों के संपर्क  में था। क्लीन चिट देने वाली रिपोर्ट में भी संशय पाया।

सीबीआई की जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि के बाद कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में नियमित मामला दर्ज करने के आदेश दिए। कहा कि जब तक नियमित मामला दर्ज नहीं हो जाता तब तक इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश करें। मामले की सुनवाई अब 7 दिसंबर को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed