फर्जी केस बनाने, फिरौती मांगने पर तीन पुलिस कर्मियों पर दर्ज करो केस : कोर्ट
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गुडि़या प्रकरण में फजीहत करवा चुकी हिमाचल पुलिस के तीन और कर्मचारियों पर फर्जी केस बनाने और फिरौती मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रारंभिक जांच के आधार पर प्रदेश हाईकोर्ट ने अब सीबीआई को एसआई, एएसआई, कांस्टेबल समेत पांच लोगों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट ने यह आदेश प्रार्थी रवि कुमार की ओर दायर जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान पारित किए। कोर्ट के आदेश पर सीबीआई ने मामले की प्रारंभिक जांच की थी
जिसमें यह बात सामने आई थी कि पुलिस थाना सदर मंडी में तैनात एसआई जय लाल, इसी थाने के तहत पुलिस सिटी चौकी मंडी में तैनात एएसआई राम लाल व कांस्टेबल प्रदीप कुमार ने हरियाणा के जींद निवासी मंजीत कुमार के साथ मिलकर शिकायतकर्ता रवि कुमार के खिलाफ मादक पदार्थ रखने का झूठा मामला बनाया और उससे 20 लाख रुपये की फिरौती की मांग की थी।
ये है पूरा मामला
हरियाणा के गुरुग्राम निवासी प्रार्थी रवि कुमार का आरोप है कि फर्जी मुकदमा बनाकर फंसाने की शिकायत उसके पिता रमेश चंद ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से की थी। पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच की गई और बिना किसी ठोस कारण के आरोपी पुलिसवालों को क्लीन चिट दे दी गई।
रमेश का आरोप है कि मंजीत तस्करी से जुड़ा है और उसके हिमाचल पुलिस व जेल कर्मचारियों से संबंध हैं। यही नहीं, साजिश के तहत मंजीत ने उसके बेटे को पुलिस की उपस्थिति में बुलाया। होटल, गुरुद्वारे के अलावा अन्य स्थानों पर रोके रखा और 20 लाख रुपये की मांग की।
जब पैसे नहीं दिए तो उसके बेटे को इस मामले में फंसवा दिया। रमेश चंद के इसी आरोप के आधार पर हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने प्रारंभिक जांच कराई। जांच में पाया कि राम लाल, प्रदीप कुमार, मंजीत व रवि कुमार एक दूसरे के संपर्क में थे।
मंजीत सिंह व रवि पर आपराधिक मामले दर्ज हुए थे मगर बाद में बरी हो गए थे। बरी होने के बावजूद मंजीत क्यों इन पुलिस कर्मियों के संपर्क में था। क्लीन चिट देने वाली रिपोर्ट में भी संशय पाया।
सीबीआई की जांच में शिकायतकर्ता के आरोपों की पुष्टि के बाद कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में नियमित मामला दर्ज करने के आदेश दिए। कहा कि जब तक नियमित मामला दर्ज नहीं हो जाता तब तक इस मामले की स्टेटस रिपोर्ट अगली सुनवाई के दौरान कोर्ट में पेश करें। मामले की सुनवाई अब 7 दिसंबर को होगी।