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नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन को अग्रिम जमानत
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 30 Oct 2015 10:05 AM IST
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ऊना के लोअर बसाल नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन अमिल मिन्हास को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि प्रार्थी को पुलिस जांच में सहयोग देना होगा। वह पुलिस छानबीन में शामिल नहीं होता तो पुलिस उसकी जमानत रद्द करने को अदालत में अपील कर सकती है।
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अब पुलिस आरोपी के शिक्षण संस्थान में तफ्तीश में शामिल होने के लिए हुक्मनामा भेजने की तैयारी कर रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि इंडियन नर्सिंग काउंसिल दिल्ली से सारा रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है। शुरुआती जांच में मामला फर्जीवाड़े का लग रहा है। एचपीयू की ओर से पुलिस में दिए रिकॉर्ड और इंडियन नर्सिंग काउंसिल से लिए रिकॉर्ड को जांचा गया है।
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इसमें फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। नर्सिंग कॉलेज संस्थान लेटर हेड पर उस लोगो का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने साल 2012 के बाद बदल दिया था। मामले में अमिल मिन्हास से पूछताछ के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।
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यह है मामला- एचपीयू के कुलसचिव ने एसपी शिमला को लिखित शिकायत दी, जिसमें नर्सिंग कॉलेज में फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीएससी नर्सिंग के बैच बैठाने की जानकारी दी गई थी। कहा गया कि संस्थान को अक्तूबर 2012 में शुरू होने वाले सत्र के लिए इंडियन नर्सिंग काउंसिल ने मान्यता दी।
2013-14 और 2014-15 के लिए अनुमति नहीं दी गई। विवि ने ट्रस्ट के चेयरमैन और कॉलेज प्रिंसिपल को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा, लेकिन निर्धारित समय में जवाब न मिलने पर लिखित शिकायत पुलिस में की। थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की गई।
एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने बताया कि हाईकोर्ट ने आरोपी नर्सिंग कॉलेज के चेयरमैन की अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। साथ ही उसे पुलिस जांच में शामिल होने के आदेश दिए हैं। अगर आरोपी जांच में सहयोग नहीं करेगा तो पुलिस उसकी जमानत रद्द करने को हाईकोर्ट में अपील कर सकती है।