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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक करोड़ की ठगी
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी
Updated Sun, 31 May 2015 11:50 AM IST
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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर एक व्यक्ति ने 80 युवाओं से 1.23 करोड़ रुपये की ठगी कर दी। अब शातिर अंडरग्राउंड हो गया है। शातिर द्वारा रुपये लौटाने के नाम पर दिए गए चेक भी बाउंस हो चुके हैं। कोर्ट ने आरोपी को उद्घोषित अपराधी घोषित कर दिया है, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लग पा रहा है।
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बिलासपुर जिला के घुमारवीं के एक व्यक्ति ने करीब ढाई वर्ष मंडी जिला के करीब 80 युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने झांसा दिया। इसकी एवज पर शातिर ने 35 बेरोजगार युवाओं से 2.50-2.50 लाख और 45 युवाओं से 80-80 हजार रुपये ऐंठ लिए।
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ठगी का शिकार हुए सुंदरनगर के धनी राम, महादेव के प्रताप सिंह, नरेचौक के यशपाल, लूनापानी के मनोज, आरठी के विनोद, सुंदरनगर के सुरेंद्र, राजपाल, रिवालसर के नेत्र सिंह, गुलाब सिंह, करसोग के बिनू, ऊना के नरेंद्र गोदी, डडौर के बलदेव, बग्गी के जगदीश, कुम्मी के नरेश व महादेव के शम्मी पठानिया ने बताया कि रुपये लेने के बाद कुछ समय तक नौकरी न मिलने पर उन्होंने शातिर से पूछताछ की।
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इस पर उसने उन्हें नौकरी बारे ई-मेल सहित अन्य दस्तावेज दिखाए। जिस पर वह शांत हो गए। लेकिन बाद में जब नौकरी नहीं लगी तो युवा बिफर गए और रुपये मांगने लगे। शातिर ने सिक्योरिटी के तौर पर सभी युवाओं को चेक दे दिए और रुपये न लौटाने की सूरत पर चेक बैंक में लगाने की बात कही।
लेकिन जब युवाओं की ओर से चेक बैंक में लगाया गया तो वह बाउंस हो गए। जिस पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कुछ समय तक कोर्ट में पेशी में आने के बाद आरोपी भूमिगत हो गया। कोर्ट से आरोपी को उद्घोषित अपराधी घोषित किया जा चुका है।