VIDEO: इराक हिंसा का खौफनाक मंजर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांगड़ा के लंज क्षेत्र के इंद्रजीत को 16 जून को इराक में आतंकियों ने अगवा कर लिया था। उससे पहले उसने अपने भाई को 9 जून को इराक के खौफनाक हालात के बारे में बताया था। जब उसके भाई को विश्वास नहीं हुआ तो उसने अपने मोबाइल से वाट्स ऐप पर बुधवार को एक वीडियो क्लिप भेजा, जिसमें एक घर में रक्त से सनी लाशें दिखाई दे रही हैं। इंद्रजीत के भाई ने ये वीडियो क्लिप अमर उजाला से शेयर की।
इंद्रजीत के भाई का कहना है कि यह वीडियो खुद इंद्रजीत ने शूट किया है लेकिन अमर उजाला इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता। यह क्लिप इराक के बिगड़े हालात की दर्दनाक तस्वीर बयां कर रहा है। इंद्रजीत के भाई ने बताया कि ये ऐसा दिल दहला देने वाला वीडियो है जिसे वह अपने मां-बाप को नहीं दिखा पाया। अगली स्लाइड में देखिए वीडियो।
देखिए वीडियो
सांसद से मिले युवकों के परिजन
इराक में जिले के डुगराई और डीनक गांव के चार युवक फंसे हैं। आतंकी हमलों के चलते चारों वहां घर के लिए नहीं निकल पा रहे हैं। इनमें नाचन विस क्षेत्र के डुगराईं निवासी लियाकत अली (45), ताहिर (33) और डीनक निवासी सलामत अली, डडोह के अमजद खान (28) शामिल हैं। लियाकत अली पुत्र सखी मोहम्मद 28 मार्च, 2014 को इराक गए और वहां फोरमैन के रूप में कार्यरत हैं।
उनका भतीजा ताहिर पुत्र रमजान मोहम्मद भी चार मई को लोडर ऑपरेटर के रूप में इराक गया। दोनों चाचा-भतीजा आरची रोड कंपनी में कार्यरत हैं। वीरवार को भी परिजनों ने दोनों से फोन पर बात की।
रिहाई के प्रयास तेज, दिल्ली जाएंगे शांता कुमार
उधर, कांगड़ा-चंबा के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार ने कहा कि केंद्र ने इराक में अगवा 40 भारतीयों की रिहाई के प्रयास तेज कर दिए हैं। इन 40 भारतीयों में 3 लोग कांगड़ा जिले से हैं। वह खुद शुक्रवार को दिल्ली जा रहे हैं।
शांता कुमार ने कहा कि उन्हें अपुष्ट जानकारी है कि अगवा किए गए भारतीय सुरक्षित हैं। मंडी हादसे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश सरकार को दोषी ठहराया। कहा कि दुर्भाग्य है कि 24 घरों के चिराग बुझ गए।
मगर मामले में संबंधित प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई। दुर्भाग्य है कि हादसे के बाद जांच बैठाई जाती है और फिर मामला कागजों में दफन हो जाता है।
लाडलों की रिहाई के लिए डीसी को सौंपा पत्र
इराक में अगवा किए गए इंद्रजीत और अमन के परिजन वीरवार को शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और उपायुक्त कांगड़ा सी पालरासु से मिले। दोनों परिवारों ने सुधीर शर्मा और सी पालरासु को अपने बच्चों की सुरक्षित रिहाई के लिए पत्र सौंपा। परिजनों ने कहा कि उनके बच्चों की रिहाई को प्रदेश सरकार हस्तक्षेप कर भारत सरकार के समक्ष मामला जोरदार ढंग से उठाए।
देहरा तहसील के अंतर्गत लंज के कदरेटी गांव (डाकखाना भटेहड़) के रहने वाले इंद्रजीत के पिता परदेसी राम ने बताया कि उनका बेटा इराक के मूसल में नौ माह से रहा था। वह वहां बगदाद की कंपनी टीएनएच (तारीक अन हुल) में मूसल शहर (बगदार से 60 किमी दूर) में फॉग लाइन ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहा था।
अगवा अमन धर्मशाला तहसील की पासू पंचायत के वार्ड नंबर चार का रहने वाला है। अमन के भाई रमन ने डीसी और सुधीर शर्मा को सौंपे गए पत्र में कहा है कि उनकी भी उनके भाई से आखिरी बार रविवार को ही बात हुई थी।