बस में सीट पर विवाद, टूरिस्ट गाइडों ने पीटे पांच विदेशी छात्र
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शिमला शहर में कुछ कथित टूरिस्ट गाइडों ने पांच विदेशियों को बेरहमी से पीट दिया। सभी अफगानिस्तान के रहने वाले हैं। इन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी ले जाया गया। इनकी पहचान आमद जिया, जाहेद , हारून और वसीम के तौर पर हुई है। इनमें से तीन विश्वविद्यालय के छात्र बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मारपीट के आठ आरोपियों को हिरासत में लिया है।
एसपी शिमला ने रविवार को अस्पताल जाकर घायल युवकों का हाल जाना और घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली। आरोपियों के खिलाफ थाना बालूगंज में मुकदमा दर्ज कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मामला शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे विक्ट्री टनल का है। विश्वविद्यालय में पढ़ रहे विदेशी छात्रों से मिलने उनके दो दोस्त आए हुए थे। इन्हें शनिवार को दिल्ली लौटना था। पुलिस के मुताबिक अफगानिस्तान का हारून बीबीए का छात्र है।
इसके पास घूमने के लिए अफगानिस्तान से दो दोस्त आए थे। इन्हें शनिवार रात को दिल्ली जाना था। ये बस स्टॉप पर पहुंचे तो बताई गई वाल्वों बस में सीटें नहीं थी। विदेशियों ने कहा कि उन्होंने सीटें बुक कर रखी हैं लेकिन बुकिंग एजेंट ने उन्हें दूसरी बस में सीट देने का आश्वासन दिया।
लेकिन दूसरी बस में भी सीट नहीं मिलने पर विवाद बढ़ गया और मौके पर मौजूद टूरिस्ट गाइड के साथ नौबत हाथापाई तक पहुंच गई। इसमें अफगानिस्तान मूल के पांच छात्र घायल हो गए। पुलिस ने हमले में शामिल पांच लोगों को हिरासत में लिया है। सभी आरोपी सिरमौर के बताए जा रहे हैं। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को भी खंगाला जा रहा है।
घायलों को उपचार के बाद छुट्टी
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि रविवार दोपहर बाद सभी घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बस में सीट को लेकर विवाद हुआ। हमले में संलिप्त सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है ये सभी टूरिस्ट गाइड सिरमौर के रहने वाले हैं। पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
पहले भी होती रही हैं वारदातें
इससे पहले भी सैलानियों के साथ इस तरह की वारदातें होती रही हैं लेकिन पुलिस तक मामले कम ही पहुंचते हैं। सैलानी यहां घूमने आता है और पुलिस के झमेले में नहीं पड़ना चाहता। यहां कुछ कथित टूरिस्ट और कुछ टैक्सी ड्राइवर मनमाने पैसे सैलानियों से वसूल करते हैं।
चाहे वह टैक्सी का किराया हो या फिर होटलों में कमरे दिलाने की बात। हर जगह कमीशन के चक्कर में सैलानियों से लूट होती रही है। प्रशासन की ओर से इन पर कड़ी निगरानी न होेने की वजह से अब इनके इतने हौसले बढ़ चुके हैं कि यह विदेशियों पर भी हमला करने से नहीं चूक रहे।