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फर्जी डिग्री मामला: नशा मुक्ति केंद्र में मिला मानव भारती विवि का रिकॉर्ड, संचालक गिरफ्तार

Sun, 21 Jun 2020 07:45 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सोलन
अमर उजाला नेटवर्क, सोलन Published by: Krishan Singh Updated Sun, 21 Jun 2020 07:45 PM IST
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Fake degree case: Manav Bharti University records found in de addiction center, operator arrested
गिरफ्तार(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला

फर्जी डिग्री मामले में मानव भारती विश्वविद्यालय के मालिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कुमारहट्टी के गांधीग्राम में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र में छापा मारा। इसमें पुलिस को मानव भारती विवि के कई दस्तावेज और फर्जी रसीदें मिली हैं। पुलिस ने केंद्र संचालक जतिन नागर को गिरफ्तार कर छानबीन शुरू कर दी है। बताया जा रहा है केंद्र अवैध चल रहा था। इसके दस्तावेज और लाइसेंस नहीं मिला। 

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पुलिस ने विवि के मालिक राजकुमार राणा को दो दिन की रिमांड पर लिया है। राणा से पूछताछ के बाद ही गांधीग्राम में माया फाउंडेशन के नाम से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर दबिश दी। गिरफ्तारी से पहले राणा नशा मुक्ति केंद्र के साथ वाली बिल्डिंग में 15 दिन ठहरा था।
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नशा मुक्ति केंद्र से भी पुलिस को कई सबूत हाथ लगे हैं। इनमें फर्जी डिग्री की रसीदें और कई दस्तावेज शामिल हैं। एएसपी सोलन डा. शिव कुमार शर्मा ने बताया कि जतिन नागर इस नशा मुक्ति केंद्र को बिना अनुमति के चलाकर लोगों से नशा छुड़वाने के नाम पर छल कर पैसे वसूलता था। मानसिक रोगियों को इस केंद्र में कई-कई दिन बंद रखा है। उन्होंने बताया कि इसके तार फर्जी डिग्री मामले से जुड़ी यूनिवर्सिटी से भी जुड़े हैं, जिसकी पुलिस जांच कर रही है। मानव भारती के मालिक की गाड़ी को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। फर्जी डिग्री मामले के दौरान संबंधित गाड़ी का इस्तेमाल किया था। पुलिस की आगामी जांच में अन्य कई संपत्तियों को भी कब्जे में लिया जा सकता है। अब तक पुलिस 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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हाईकोर्ट ने दिए विवि के फोरेंसिक ऑडिट के आदेश
सोलन पुलिस की ओर से राणा के खिलाफ हाईकोर्ट में पेश दस्तावेजों सहित अन्य सुबूतों के आधार पर हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह विवि का फॉरेंसिक ऑडिट करवाए। इसमें सरकार अपने स्तर पर जांच टीमें गठित करेगी।

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