ईडी ने जब्त की रिटायर्ड ब्रिगेडियर की सवा दो करोड़ की संपत्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रवर्तन निदेशालय की हिमाचल इकाई ने बुधवार को ब्रिगेडियर जेके नारंग (सेवानिवृत्त) की 2.29 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच की है। नारंग के खिलाफ सीबीआई ने 2011 में वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट 2012 में कोर्ट में फाइल की थी।
जिसके बाद कोर्ट में दायर इस चार्जशीट के तथ्यों का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी। जांच के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की तस्दीक होने के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की है। पिछले साल हिमाचल में ईडी की इकाई स्थापित होने के बाद अब तक की यह सबसे बड़ी कार्रवाई है।
सेना के ब्रिगेडियर जेके नारंग (रिटायर्ड ) लंबे समय तक हिमाचल प्रदेश में बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन में चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात रहे थे। तैनाती के दौरान ही उन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और अनियमितता बरतने के आरोप लगे थे।
पद पर रहने के दौरान आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की
इस मामले में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज जर 2012 में सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट फाइल की। इसी चार्जशीट के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। छानबीन के दौरान जांच में यह बात सामने आई कि नारंग ने पद पर रहने के दौरान आय से कई गुना अधिक संपत्ति अर्जित की थी।
ईडी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि नारंग ने बार्डर रोड आर्गेनाइजेशन (बीआरओ) में रहने के दौरान कई ठेकों को देने और अन्य तरह के आपराधिक गतिविधियों के जरिये करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। जिसके बाद ईडी ने उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की।
ईडी के सहायक निदेशक भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि जेके नारंग के खिलाफ भारतीय धनशोधन निवारण अधिनियम 2002 के अंतर्गत की गई जांच के बाद अस्थायी जब्ती आदेश जारी किया है। इसके तहत नारंग की दो करोड़ उनतीस लाख चवालीस हजार से ज्यादा की संपत्ति एवं बैंक धनराशि को जब्त किया गया है।