नगर निगम में डस्टबिन घोटाला, ईओ और सुपरवाइजर पर केस
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नगर निगम धर्मशाला में डस्टबिन घोटाला सामने आया है। शहरी विकास विभाग ने मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी है। विजिलेंस ने तत्कालीन कार्यकारी अधिकारी (ईओ) चमन लाल और सेनेटरी सुपरवाइजर जतिंद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
इसकी पुष्टि विजिलेंस के एसपी विमल गुप्ता ने की है। मामले की जांच पहले शहरी विकास विभाग के निदेशक ने करवाई थी। जांच के दौरान दोनों आरोपियों के खिलाफ सुबूत पाए जाने के बाद केस को एडीजीपी विजिलेंस को भेजा गया।
इसके बाद मामले को जांच के लिए विजिलेंस थाना धर्मशाला भेजा गया। यहां मामले की जांच निरीक्षक यशपाल कर रहे हैं। मामला 2015 का है।
लाखों की खरीदारी में हुआ फ्रॉड
आरोप है कि तत्कालीन ईओ चमन लाल ने सेनेटरी सुपरवाइजर जतिंद्र कुमार की कथित डिमांड पर एक कंपनी से नियमों को ताक पर रखकर 20 कंटेनर और 25 डस्टबिन खरीदे। डस्टबिन 14 लाख 51 हजार 40 रुपये में खरीदे गए।
खरीद में अनियमितताएं बरतने का भी आरोप है। तत्कालीन नगर परिषद के हाउस में बिना प्रस्ताव पास किए ही ईओ ने डस्टबिन खरीदने का निर्णय ले लिया। तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष के हस्ताक्षर के बिना ही खरीदे गए डस्टबिन की राशि भी कंपनी को देय कर दी गई। लाखों रुपये के डस्टबिन खरीद में तत्कालीन नगर परिषद अध्यक्ष और हाउस को अंधेरे में रखा गया।
रिकॉर्ड होगा जब्त
डस्टबिन खरीद मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब एमसी का कथित वित्तीय अनियमितता से संबंधित रिकॉर्ड जांच के लिए जब्त किया जाएगा। इसके बाद आरोपियों के बयान दर्ज होंगे।