दोस्त बनकर खाना खिलाया, फिर लूट लिए पौने दो लाख
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हिमाचल सेब बागवान से लूट मामले की पूरी कहानी का खुलासा हो गया है। शातिर ने पूरी प्लानिंग की तहत बागवान को अपना शिकार बनाया। ठग के हाथों लुटे बागवान को होश आ गई है। अब हालत बेहतर बताई जा रही है। होश में आने के बाद बागवान ने बताया कि वह चंडीगढ़ फल मंडी से पेमेंट लेकर लौट रहा था। इसी दौरान उसे एक व्यक्ति मिला जिसने खुद को रोहड़ू का बताया।
उसने कहा कि उसे भी शिमला जाना है। इकट्ठा ही चलते हैं। इसके बाद वह दोनों चंडीगढ़ बस स्टैंड पहुंचे जहां चाय पी। चाय पीने के बाद उस व्यक्ति ने शराब ऑफर की जिसे उसने यह कहकर मना कर दिया कि वह शराब नहीं पीते। इस पर आरोपी उसे जूस ले आया और खुद उसने थोड़ी शराब पी। शिमला के लिए वह बस में सवार हुए उस समय आरोपी ने ही उसका टिकट लिया।
दोस्ती बढ़ाकर ऐसे लूटे पैसे
रास्ते में बस रुकी वहां दोनों ने खाना भी खाया। खाने के पैसे भी आरोपी ने ही दिए। इसके बाद वह फिर बस में बैठ गया। शिमला पहुंचने से पहले तारादेवी तक वह ठीक था लेकिन उसके बाद उसे कोई होश नहीं रहा। इसी बीच शातिर पैसे लेकर चंपत हो गया। बागवान बालकराम बासा माहोग ठियोग के रहने वाले हैं। मंगलवार सुबह बागवान सेब की पेमेंट लेने के लिए घर से चंडीगढ़ गए थे।
यह बेहोशी की हालत में आईएसबीटी पहुंचे। बस कंडक्टर ने पहले बालक राम को उठाने की कोशिश की लेकिन जब वह नहीं उठे तो पकड़कर बस से बाहर कर दिया और एक किनारे में छोड़ दिया। सुबह करीब दस बजे पुलिस मौके पर पहुंची तब तक बालक राम अचेत पड़े थे। इनकी जेब में करीब एक लाख पचहत्तर हजार रुपये थे जो गायब थे।
इन्हें इलाज के लिए दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल लाया गया। यहां इनका इलाज चल रहा है। एएसपी सिटी भजन देव नेगी ने कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है। आरोपी की तलाश की जा रही है। उन्होंने बागवानों को आनलाइन ही पेमेंट लेने की नसीहत दी है।