पाकिस्तानी व्हाट्सएप ग्रुप में मिले चंबा के मोबाइल नंबर, सेना ने शुरू की जांच
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चंबा जिले के कुछ मोबाइल नंबर पाकिस्तान से संचालित व्हाट्सऐप ग्रुप में सक्रिय पाए गए हैं। खुफिया इनपुट के आधार पर की गई जांच में जो व्हाट्सऐप ग्रुप चिन्हित हुए हैं, उनके एडमिन पाकिस्तान में बैठे लोग बताए जा रहे हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेना ने इस मामले में कुछ लोगाें से पूछताछ की है। वहीं, इस बात का पता चलने पर ग्रुप के अधिकांश सदस्यों ने ग्रुप को डिलीट कर दिया है।
सूत्रों ने बताया कि चंबा जिले में देश विरोधी गतिविधियों की सूचनाएं मिली थीं। सेना ने सीक्रेट मिशन के तहत इसकी जांच शुरू कर दी। जांच में पता चला कि कुछ व्हाट्सऐप ग्रुप पाकिस्तान से संचालित हो रहे हैं।
संवेदनशील रहा है चंबा
हालांकि, इसकी अधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। सूत्रों की मानें तो सेना अपने स्तर पर इस पूरे मामले की जांच कर रही है। उधर, चंबा जिला पुलिस अधीक्षक डॉक्टर मोनिका का कहना है कि सेना के कई सीक्रेट ऑपरेशन होते हैं। इसे समय समय पर अंजाम दिया जाता है।
लेकिन चंबा जिले में कहीं से भी देश विरोधी गतिविधि की खबर नहीं है। चंबा में डलहौजी व बकलोह सैन्य क्षेत्र है। ये सभी क्षेत्र अति संवेदनशील श्रेणी में आते हैं। कुछ महीनों पूर्व ही डलहौजी में सेना के वरिष्ठ अफसर ने खुफिया इनपुट का हवाला देकर इलाके में सतर्कता बढ़ाने पर जोर दिया था।
इससे पूर्व भी डलहौजी के आसपास की पहाड़ियों पर सैटेलाइट फोन के सिग्नल मिल चुके हैं। वर्ष 1998 में मिंजर मेले के दौरान ही चंबा के सतरुंडी व कालाबन में आतंकियों ने 35 लोगों का नरसंहार किया था।