अफसरों की मिलीभगत से हिंदुस्तान पेट्रोलियम में करोड़ों का घोटाला, जांच में खुलासा
पंजाब के बठिंडा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड के अफसरों पर सीबीआई ने फर्जी तरीके से पेट्रोलियम उत्पाद की हेराफेरी करने के आरोप की जांच पूरी कर कर विशेष न्यायाधीश सीबीआई शिमला के कोर्ट में चालान दाखिल कर दिया है। इसमें कंपनी के तीन अफसरों के अलावा कुछ टैंकर संचालकों, चालकों, परिचालक ों और कंपनी के निजी कर्मियों को आरोपी बनाया गया है।
जांच में पाया गया है कि टैंक ट्रकों के कंपार्टमेंट लीक थे और कुछ पूरी तरह खाली भी नहीं किए जाते थे। इस बहाने हर बार लाखों रुपये का पेट्रोलियम उत्पाद चोरी किया जा रहा था। डिपो के अधिकारियों ने बिना बिल के भी कई वाहनों का परिचालन होने दिया। सूत्रों का कहना है कि जांच में सीबीआई को आरोपियों की ओर से किए गए दस्तावेजी फ्रॉड से जुड़े सारे सबूत हासिल हो गए हैं। अब कोर्ट चार्जशीट को स्वीकार कर इस पर सुनवाई शुरू करने को लेकर फैसला करेगा।
उत्पादों की चोरी की बात सामने आई
बठिंडा स्थित कंपनी के पेट्रोलियम डिपो से नालागढ़ तक पेट्रोलियम उत्पादों का परिवहन किया जाता था। आरोप है कि एचपीसीएल के तत्कालीन ऑपरेशन ऑफि सर नमन जैन, ऑपरेशन ऑफिसर ऋ षभ वर्मा, सुरक्षा पर्यवेक्षक गुरमेल सिंह ने ट्रांसपोर्टरों, टैंक ट्रक चालक, परिचालक, कंपनी के अन्य सदस्यों व निजी कर्मियों के साथ मिलीभगत, साजिश या लापरवाही से मार्च 2016 से दिसंबर 2016 के बीच पेट्रोलियम उत्पादों की चोरी की। मामले में एचपीसीएल के शिमला में तैनात वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक ने ट्रांसपोर्टरों को नोटिस जारी किया था जिसके बाद जांच में चोरी की बात सामने आई थी।
सीबीआई की शिमला शाखा ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी लिमिटेड के तीन अफसरों समेत कई लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व षड्यंत्र रचने का मुकदमा 26 नवंबर 2017 को दर्ज किया था। हाईकोर्ट के आदेश पर दर्ज मामले में बठिंडा स्थित कंपनी के डिपो से नालागढ़ पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के दौरान करोड़ों रुपये की कीमत के कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने मामले की प्रारंभिक जांच की तो कंपनी के अधिकारियों और ट्रांसपोर्टरों की
कंपनी ने ट्रांसपोर्ट यूनियन को जुर्माना वसूली के लिए नोटिस जारी किया तो वह हाईकोर्ट चली गई सुनवाई के दौरान जब याचिकाकर्ता की ही बातें संदेहास्पद और कंपनी की दलीलें सही लगीं तो हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच के आदेश जारी कर दिए सीबीआई ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें करोड़ों की चोरी की बात सामने आई। अब सीबीआई ने विस्तृत तफ्तीश करने के बाद मामले में कोर्ट में चालान दाखिल कर दिया है