एचपीयू फर्जी डिग्री मामले में बड़ा खुलासा, इस छात्र ने दिया फर्जीवाड़े को अंजाम
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एचपीयू फर्जी डिग्री मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। दूरवर्ती शिक्षा संस्थान (इक्डोल) से एमए की पढ़ाई कर रहे अर्थशास्त्र के छात्र ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) की एक दर्जन फर्जी डिग्रियां बनाकर लोगों को बेच दीं। यह खुलासा पुलिस की जांच में हुआ है।
डीएसपी हेडर्क्वाटर प्रमोद शुक्ला के मुताबिक फर्जी डिग्रियों को बनाने वाला जिला सोलन का खेमराज एचपीयू में पढ़ाई कर रहा है। यही नहीं, आरोपी ने इससे पहले कंप्यूटर की भी पढ़ाई की है।
पैसे कमाने के लालच में मास्टर माइंड खेमराज ने फर्जी डिग्रियां बनाने का काम शुरू किया। इसके बाद नादौन के आरोपी संजीव कुमार के साथ ग्राहकों को फर्जी डिग्रियां बेचने का काम शुरू कर दिया।
ऐसे बनाता था फर्जी डिग्री
खेमराज ने पुलिस जांच में कबूला है कि वह 2017 से फर्जी डिग्रियां बनाने का काम करता है। नवंबर 2017 में संजीव कुमार ने हजारों रुपये देकर खेमराज से फर्जी डिग्री बनाने के लिए संपर्क किया। इसके बाद खेमराज ने कंप्यूटर, स्कैनर और प्रिंटिंग का सामान खरीदा।
डिग्रियों के लिए खाली शीट शिमला की स्टेशनरी की दुकान से खरीदी। इस मामले में पुलिस अब एचपीयू प्रशासन से संपर्क कर रही है। एचपीयू की फर्जी डिग्री मामले में पुलिस अभी तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।