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नेता के कहने पर एसपी ने बदला जांच अफसर!

Tue, 19 Aug 2014 11:10 PM IST
Updated Tue, 19 Aug 2014 11:10 PM IST
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ASI transfered after resistered a case against panchyat pradhan

शिमला की ग्राम पंचायत पुजारली के प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने वाले एएसआई का डोडरा क्वार तबादला कर दिया गया है। कसुम्पटी पुलिस चौकी में तैनात एएसआई रामलाल ने प्रधान देवानंद वर्मा पर करीब 16 साल पुराने मामले पर 12 अगस्त को एफआईआर दर्ज कराई है।

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पुलिस अफसरों का कहना है कि उनके ध्यान में जब मामला आया तो शुरुआती जांच की गई। डीएसपी सिटी बलबीर जसवाल ने कहा कि इस मामले में एएसआई ने उन्हें मिस गाइड किया। नियम के मुताबिक इतने साल बीतने पर इस मुकदमे का कोई औचित्य ही नहीं बनता।
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रविवार को एएसआई रामलाल से जांच लेकर एसएचओ छोटा शिमला गोपाल वर्मा के सुपुर्द कर दी गई। डीएसपी सिटी ने एएसआई की विभागीय जांच के लिए पुलिस अधीक्षक से सिफारिश की है।

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कांग्रेस नेता ने भी डाला था दबाव!

ASI transfered after resistered a case against panchyat pradhan

इस मामले में यू टर्न तब आया जब मुकदमा कायम होने के बाद एएसआई ने लिखित में अदालत को बताया है कि 13 अगस्त को थाने में हिमाचल सरकार के एक सीपीएस का फोन एमएससी को आया। देवानंद सिफारिश के लिए कहता रहा।

उसके बाद उसी दिन एएसआई रामलाल को एक कांग्रेस के नेता का फोन आया और कहने लगे कि देवानंद प्रधान के खिलाफ जो केस बना है, इसके लिए आपके साथ बैठना है। रामलाल के मना करने पर कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर वह बात करने को तैयार नहीं तो वह पॉलीटिकल इश्यू बनाएगी।

एएसआई ने लिखित में अदालत को जानकारी देते हुए कहा कि उस पर दबाव बनाकर डराया जा रहा है। एसपी डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि एएसआई रामलाल का तबादला एक रूटीन प्रक्रिया है। इस मामले को लेकर तबादले से कोई मतलब नहीं है।

यह है मामला

ASI transfered after resistered a case against panchyat pradhan

पुजारली के प्रधान देवानंद के खिलाफ गोबिंद राम शांडिल ने लिखित में शिकायत दी है कि एक मई 1997 को प्रधान की अध्यक्षता में तीन प्रस्ताव डाले गए और इन्हें क्लोज कर दिया गया। बावजूद इसके प्रधान ने प्रस्ताव नंबर चार में किसी दूसरे व्यक्ति की लिखावट में यह प्रस्ताव लिखा गया कि जो दुकान शावणु राम आईआरडीपी को दी गई थी।

वह अब अपनी असमर्थता जाहिर करने के बाद सुखराम (श्यामलाल) आईआरडीपी को दी गई जो शावणु राम ने लिखित में इकरार करके किया है। यह दुकान अब सुखराम पुत्र स्वर्गीय धनीराम को दी गई है।

प्रधान पर अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि यह दुकान गलत तरीके से अपने पिता और भाई को दी गई। इस आधार पर थाना छोटा शिमला में प्रधान के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। एएसआई रामलाल मामले की जांच कर रहे थे।

पुलिस के खिलाफ लाया था प्रस्ताव

ASI transfered after resistered a case against panchyat pradhan

एफआईआर से ठीक एक दिन पहले पुजारली पंचायत के हाउस में कसुम्पटी पुलिस चौकी में तैनात स्टाफ को तुरंत बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई। इसमें एएसआई रामलाल सहित सभी कर्मचारियों को दायरे में लाया गया।

पंचायत को लिखित में शिकायत पत्र मिला कि पुलिस कर्मचारी उन्हें बेवजह तंग करते हैं और डराते-धमकाते हैं। शिकायत पत्र में कई और संगीन आरोप भी कसुम्पटी पुलिस पर लगाए गए। इसके ठीक अगले दिन मुकदमा दर्ज हो गया।

मुझे झूठे मुकदमे में फंसाया गया
प्रधान देवानंद वर्मा ने कहा कि उन्हें साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाकर बदनाम करने की साजिश है। दुकान आवंटन नियम के तहत हुई है। ग्राम सभा से प्रस्ताव मंजूर हुआ है। एफआईआर दर्ज होने से ठीक एक दिन पहले कसुम्पटी पुलिस चौकी में तैनात स्टाफ को बदलने का प्रस्ताव पंचायत में स्वीकृत हुआ। बदले की भावना से एएसआई रामलाल ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

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