चार साल बाद समुद्री लुटेरों के चंगुल से छूटा अमन
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हिमाचल और अमन के परिवार के लिए आज का दिन ‘अमन’ लेकर आया है। सोमालिया में चार साल तक समुद्री लुटेरों की कैद में रहने वाला कांगड़ा के जवाली क्षेत्र का अमन (23) आखिरकार उनके चंगुल से छूट गया है।
अमन के साथ अन्य देशों के 11 क्रू मेंबर भी हैं। अमन के बुधवार तक मुंबई में पहुंचने की उम्मीद है। करडियाल निवासी अमन के पिता केवल राम को उनके बेटे की रिहाई की खबर यूएन दफ्तर और भारत सरकार से शुक्रवार शाम मिली है। इसके बाद उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं है।
2010 में बना लिया था बंधक
मालदीव आइसलैंड के भारतीय पश्चिमी समुद्र में 23 क्रू मेंबर वाली मलेशिया फलैग्ड कारगो शिप (एमवी एलबेदो) को सोमालिया के समुद्री लुटरों ने वर्ष 2010 में अपने कब्जे में लेकर बंधक बना लिया था।
इसमें भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और ईरान के क्रू मेंबर सवार थे। जहाज में भारत के दो क्रू मेंबर थे। एक कोलकाता और दूसरा कांगड़ा के जवाली का अमन।
कोलकाता के युवक को समुद्री लुटेरों ने मार दिया था। सात पाकिस्तानी क्रू मेंबर 2012 में ही छोड़ दिए गए थे जबकि चार नाविक डूब गए थे।
बेटे को लाने जाऊंगा मुंबई : पिता
अमन के पिता केवल राम ने ‘अमर उजाला’ के साथ विशेष बातचीत में बताया कि उनका बेटा चार साल बाद सोमालिया के लुटेरों के चंगुल से छूटा है। अब परिवार को अपने बेटे के घर आने का बेसब्री से इंतजार है। अमन की मां, बहन एवं अन्य परिजन जल्द ही अमन के घर लौटने की खबर से उत्साहित हैं।
अमन के पिता बेटे को लेने के लिए मुंबई रवाना हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका बेटा 2010 में मर्चेंट नेवी में भर्ती हुआ था और अक्तूबर 2010 में समुद्री डाकुओं ने उसे बंधक बना लिया था।
इन चार वर्षों में अमन से उनकी फोन पर करीब 50 बार बात हुई। उन्होंने कहा कि बेटे की रिहाई में भारत सरकार, राजनेताओं और जनता का बहुत सहयोग रहा है। इसके लिए वह सभी के आभारी हैं।
सांसद शांता कुमार ने दी बधाई
कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद शांता कुमार ने केवल राम को अमन की रिहाई पर रविवार सुबह फोन कर बधाई दी। शांता कुमार ने कहा कि भारत सरकार के प्रयासों से अंतत: उनके घर का चिराग वापस आ रहा है।
उन्होंने कहा कि समुद्री लुटेरों के चंगुल से अमन को छुड़ाने के लिए भारत सरकार को दो पत्र लिखे थे। यूएनओ के हस्तक्षेप और भारत सरकार की मदद से अब अमन अपने घर आने वाला है।