{"_id":"5b3cd4494f1c1bbf248b47a8","slug":"81530713161-shimla-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिमला में पहुंचा ड्रग्स कारोबार, दो ग्राम चिट्टे के साथ एक गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
शिमला में पहुंचा ड्रग्स कारोबार, दो ग्राम चिट्टे के साथ एक गिरफ्तार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:10 AM IST
विज्ञापन
drugs
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में दो ग्राम हेरोइन (चिट्टा) के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इसकी पहचान प्रेम कुमार के तौर पर हुई है। इसकी उम्र 28 साल बताई जा रही है। आरोपी का कोई स्थायी ठिकाना नहीं है। इसके माता-पिता की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
यह कभी कभार अपनी बहन के साथ बीसीएस में भी रहता है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। आरोपी ने कहा कि दो बार चिट्टा सूंघने वाला व्यक्ति इस नशे का आदी हो जाता है। नशा करने वाला एक तरह चिट्टा का गुलाम बन जाता है और फिर इसे नहीं छोड़ पाता।
विज्ञापन
एसआईयू के हेडकांस्टेबल पूर्ण चंद ने टीम के साथ आरोपी को सब्जी मंडी से हिरासत में लिया। आरोपी नशेड़ियों को हेरोइन बेचने की फिराक में था। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने चिट्टा शिमला में ही एक व्यक्ति से 12 हजार में लिया है।
विज्ञापन
आरोपी ने कबूल किया कि वह पहले शराब की तस्करी करता था लेकिन अब शराब के मुकाबले चिट्टा में कई गुणा अधिक मुनाफा है। इसलिए इस धंधे में आ गया। एसपी शिमला ओमापति जमवाल ने कहा कि आरोपी के खिलाफ थाना सदर में मुकदमा दर्जकर छानबीन अमल में लाई जा रही है।
एक बिट की कीमत 1500 रुपये
आरोपी ने शुरुआती पूछताछ में कहा कि उसने दो ग्राम चिट्टा 12 हजार में खरीदा है। इसके बाद उसने एक ग्राम के दस बिट (शॉट) बनाए। एक बिट की कीमत नशेड़ी से 1500 रुपये वसूल की जाती है। इस तरह दो ग्राम चिट्टा के 20 बिट बनते हैं। इस हिसाब से 12 हजार का चिट्टा आराम से 30 हजार में बिक जाता है।
इंजेक्शन लगाकर भी होता है इसका इस्तेमाल- नशेड़ी चिट्टा का सेवन दो तरह से करते हैं। इसे फॉयल पेपर पर रखते हैं और नीचे से माचिस की तीली से आग लगाते हैं। इससे उठने वाले धुएं को नाक से सूंघते हैं। इसी तरह कई नशेड़ी इसका घोल बना देते हैं और इंजेक्शन में भरकर इसका इस्तेमाल करते हैं।
दो या तीन बार इसका सेवन करने वाला नशे का गुलाम बन जाता है। शिमला शहर में चिट्टा तेजी से फैल रहा है और कम उम्र के छात्र-छात्राएं इसका शिकार बन रहे हैं। अभिभावकों को सतर्क किया जा रहा है कि वह अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखे। बच्चों के शरीर पर इंजेक्शन के चिन्ह चेक करेंष