सेना के कैप्टन से म्यूचुअल फंड के नाम पर 20 लाख की ठगी
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म्यूचुअल फंड में धनराशि निवेश करवाने के नाम पर सेना के एक कैप्टन से करीब 20 लाख रुपये ठग लिए। कैप्टन ने वर्ष 2005 में एजेंट के माध्यम से म्यूचुअल फंड में पैसे निवेश किए थे। इस बीच कैप्टन ने पैसा निकालने चाहे लेकिन नहीं निकले। इस बीच 23 जुलाई को कैप्टन को एक निजी कंपनी के अधिकारी का फोन आया कि उनके साथ निवेश के नाम पर गबन हुआ है।
कंपनी अधिकारी का फोन सुनकर कैप्टन के होश उड़ गए कि इतने सालों की मेहनत से कमाई म्यूचुअल फंड राशि अब खाते में नहीं है। ठगी की जानकारी का पता चला तो उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस चौकी लक्कड़ बाजार में दर्ज करवाई। शिकायत के आधार पर सदर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक सेना के कैप्टन पद पर तैनात व्यक्ति ने वर्ष 2005 में अपने नाम से अलग-अलग कंपनियों और बैंकों में म्यूचुअल फंड के जरिये साढ़े तीन लाख रुपये निवेश किए थे। कैप्टन ने छह किस्तों में पैसे निवेश किए। 14 साल बाद म्यूचुअल फंड में लगाई यह राशि अब करीब 20 लाख रुपये हो गई थी।
23 जुलाई को कंपनी के एजेंट ने कैप्टन को फोन करके बताया कि उसके म्यूचुअल फंड में गड़बड़ी हुई है। इसके बाद कैप्टन ने शिमला की एक शाखा में कंपनी के खाते में से ऑनलाइन अपने निवेश की जानकारी ली तो पता चला कि म्यूचुअल फंड में दिया उसका फोन नंबर और पता बदल दिया है।
यह धनराशि किसी और के नाम पर दिखाई जा रही है। हालांकि यह गड़बड़ी कैसे हुई है इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही होगा। कैप्टन ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है।
म्यूचुअल में छह बार किया था निवेश
कैप्टन ने वर्ष 2005 में म्यूचुअल फंड में पैसे निवेश किए थे। पहले किस्त में 50 हजार, दूसरी में 50 हजार, तीसरे में 50 हजार, चौथे में 1 लाख, पांचवें में 50 हजार और छठे निवेश में भी 50 हजार की राशि लगाई थी। चार विभिन्न कंपनी, एक निजी बैक और एक सरकारी बैंक के म्यूचुअल फंड में यह पैसा लगाया था।