मंदिर से 10वीं शताब्दी में बनी नाग देवता की मूर्ति चोरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के चुराह की गुईला पंचायत में मेहल नाग की मूर्ति चोरी हो गई है। यह मूर्ति दसवीं शताब्दी में बनाई गई थी। प्राचीन मंदिर को आस्था का केंद्र मानने वाले श्रद्धालुओं में चोरी की वारदात से खासा रोष है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मंदिर के पुजारी चंद राम ने बताया कि रविवार को सुबह छह बजे जब वह रोजाना की तरह मंदिर में पूजा करने पहुंचे, तो उन्होंने मंदिर से नाग की मूर्ति को गायब पाया। मंदिर के भीतर रखा सामान भी इधर-उधर बिखरा हुआ था।
उन्होंने तुरंत इस बारे में पंचायत प्रधान को सूचित किया। प्रधान ने तीसा थाना में फोन करके घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मूर्ति चोरी को लेकर पुजारी समेत अन्य लोगों से पूछताछ की।
मंदिर से कुछ साक्ष्य भी जुटाए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मूर्ति चोरी करने वालों की तलाश शुरू कर दी है। पंचायत प्रधान कर्म सिंह ने बताया कि मेहल नाग मंदिर के साथ पंचायत समेत सभी चुराहवासियों की आस्था जुड़ी हुई है।
इस मंदिर में माथा टेकने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। मूर्ति चोरी होने की खबर से श्रद्धालुओं की आस्था को ठेस पहुंची है। डीएसपी सलूणी रामकर्ण राणा ने बताया कि मेहल नाग की मूर्ति चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस चोरों की तलाश में जुट गई है।