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अवैध कटान मामले में फंसे विधायक को दी बड़ी राहत
Updated Sat, 30 Aug 2014 03:58 PM IST
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कांग्रेस विधायक अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ अदालत में चल रहे एक मामले को सरकार ने वापस ले लिया है। सरकार की इस मुकदमे को वापस लेने की अरजी को अदालत ने परमिट कर दिया है।
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अनिरुद्घ सिंह पर वर्ष 2011 में अवैध कटान के आरोप में विजिलेंस ब्यूरो में एफआईआर दर्ज की गई थी। उस समय अनिरुद्ध जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष थे। वर्तमान में अनिरुद्ध सिंह कसुम्पटी निर्वाचन क्षेत्र से कांग्र्रेस के विधायक हैं।
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स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की दक्षिणी रेंज के शिमला थाने मेें अनिरुद्ध सिंह के खिलाफ अप्रैल 2011 में एक मामला दर्ज किया गया। उनके खिलाफ वन संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत छानबीन शुरू की गई।
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उन पर मशोबरा के निकट सरकारी भूमि पर पेड़ कटान के आरोप थे। विजिलेंस ब्यूरो ने मशोबरा में उनके एक पुश्तैनी गांव से लगभग 400 स्लीपर बरामद करने का भी दावा किया। उस समय अनिरुद्ध सिंह ने बयान दिया था कि उनकी जमीन से होकर एक सड़क जाती है। यहीं बरसात में ये पेड़ भूस्खलन से गिरे।
सरकार ने अदालत में किया आवेदन
गिरे हुए पेड़ों के ही स्लीपर बनाए गए। विजिलेंस ब्यूरो ने बाद में इस मामले का चालान बनाकर न्यायिक दंडाधिकारी शिमला की अदालत में पेश किया था। इसमें उन पर मुकदमा चल रहा था।
वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस मुकदमे को वापस लेने का फैसला कर इसकी अरजी अदालत में पेश की। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने इसे परमिट कर दिया है। इसकी सूचना बीते दिनों सरकार और विजिलेंस ब्यूरो के पास पहुंच गई है।
विजिलेंस डीआईजी
अरविंद कुमार शारदा ने कहा कि ‘विजिलेंस ब्यूरो का काम जांच करना है। मामला वापस लेने का निर्णय सरकारी स्तर पर होता है। फाइल देखकर ही बता सकता हूं कि इस मामले में क्या हुआ है?’
वर्तमान कांग्रेस सरकार ने इस मुकदमे को वापस लेने का फैसला कर इसकी अरजी अदालत में पेश की। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी ने इसे परमिट कर दिया है। इसकी सूचना बीते दिनों सरकार और विजिलेंस ब्यूरो के पास पहुंच गई है।
विजिलेंस डीआईजी
अरविंद कुमार शारदा ने कहा कि ‘विजिलेंस ब्यूरो का काम जांच करना है। मामला वापस लेने का निर्णय सरकारी स्तर पर होता है। फाइल देखकर ही बता सकता हूं कि इस मामले में क्या हुआ है?’