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नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ माकपा ने बोला हल्ला, पूरे प्रदेश में किया प्रदर्शन

Thu, 19 Dec 2019 08:32 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 19 Dec 2019 08:32 PM IST
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CPI protests against citizenship amendment act, protests in entire state
माकपा का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में माकपा ने गुरुवार को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया। इस दौरान माकपा नेताओं ने केंद्र सरकार पर देश के सांप्रदायिक सौहार्द को जानबूझ कर बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। राजधानी शिमला में उपायुक्त कार्यालय के पास राज्य स्तरीय प्रदर्शन किया गया। इस दौरान माकपा, भाकपा, माले, जमीयत ए उलेमा ए हिंद और मुस्लिम सुधार समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद ने कहा कि केंद्र सरकार देश को धर्म के नाम पर बांटने की साजिश रच रही है। मोदी सरकार देश में सांप्रदायिकता का जहर घोल रही है। नागरिक संशोधन कानून को धर्म के आधार पर पारित व लागू करने से स्पष्ट हो गया है कि यह सरकार देश के संविधान को नहीं मानती है। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने कहा कि देश के संविधान की प्रस्तावना में साफ लिखा है कि देश के लोग संप्रभु, धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना के प्रति कटिबद्ध हैं।
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देश के संविधान की प्रस्तावना पूरी तरह से देश में धर्म के नाम पर किसी भी भेदभाव का विरोध करती है। संविधान का अनुच्छेद 14 सभी नागरिकों को बिना धार्मिक और जातीय भेदभाव के समानता का अधिकार देता है। इसके बावजूद नागरिकता संसोधन अधिनियम को धर्म के आधार पर स्थापित करने व उसमें एक विशेष समुदाय को बाहर धकेलने से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार आरएसएस के साथ मिलकर देश के धर्मनिरपेक्ष ढांचे को खत्म करके हिंदू राष्ट्र के निर्माण के कार्य में लगी हुई है। पूर्व महापौर संजय चौहान ने कहा कि एक तरफ  नागरिकता संशोधन कानून के जरिये धार्मिक भेदभाव व सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के जरिये देश में सभी धर्मों से ताल्लुक रखने वाले गरीबों व वंचितों को देश से बाहर करने की साजिश रच रही है। विजेंद्र मेहरा ने कहा कि जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में केंद्र सरकार ने बर्बरता करके अपनी तानाशाही व फासीवादी मानसिकता का परिचय दिया है। माकपा नेता डॉ. कुलदीप तनवर, विजेंद्र मेहरा, जगत राम, बलबीर पराशर, मौलाना मुमताज अहमद कासमी, विकास थापटा और महफूज मलिक ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।

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