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जहरीला पदार्थ खाने से गई कोविड संक्रमित बालक की जान
Sat, 10 Jul 2021 10:45 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 10 Jul 2021 10:45 AM IST
सार
बच्चे ने घर में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए रखी गई सल्फास की ट्यूब को पानी में घोलकर गलती से पी लिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सदर विधानसभा क्षेत्र के संदौली गांव में अपने मामा के घर कोरोना पॉजिटिव 11 साल के बालक ने गलती से जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक पहुंचाया गया। यहां शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। बालक परिवार के साथ करीब पांच दिन पहले कोविड पॉजिटिव आया था और मामा के घर पर ही होम आइसोलेट था। हादसे के बाद परिजनों ने एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन जवाब मिला कि इस सुविधा के लिए करीब तीन घंटे का समय लगेगा। उसके बाद परिजन पंचायत प्रधान की गाड़ी में उसे घुमारवीं अस्पताल लेकर गए।
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नाबालिग बैहना ब्राह्मणा गांव का निवासी था। अपने मामा के घर संदौली आया था। जब वह ननिहाल आया तो उसका परिवार के अन्य सदस्यों के साथ कोविड टेस्ट किया गया। जिसके बाद इसकी रिपोर्ट पांच दिन पहले पॉजिटिव आई। वीरवार को बच्चे ने घर में अनाज को सुरक्षित रखने के लिए रखी गई सल्फास की ट्यूब को पानी में घोलकर गलती से पी लिया। जब परिवार वालों को पता चला तो उन्होंने 108 पर फोन किया, लेकिन वहां से तीन घंटे बाद सुविधा मिलने की बात कही गई।
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माकड़ी मार्कंड पंचायत के प्रधान कमल ठाकुर ने बताया कि इस संदर्भ में उन्होंने खुद सीएमओ बिलासपुर से भी बात की। बच्चे की गंभीर हालत देखते हुए प्रधान ने बच्चे को अपनी गाड़ी से घुमारवीं अस्पताल पहुंचाया। यहां बच्चे की हालत बहुत गंभीर हो गई थी। चिकित्सकों ने उसे नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जहां पर उसे आईसीयू में रखा गया था। शुक्रवार सुबह बच्चा जिंदगी की जंग हार गया। जिला परिषद सदस्य बामटा वार्ड गौरव शर्मा ने कहा कि उन्होंने भी खुद प्रशासनिक अधिकारियों से बच्चे के लिए एंबुलेंस भेजने की बात की थी, लेकिन जवाब मिला कि अपनी गाड़ी में ही अस्पताल पहुंचा दें। समय पर एंबुलेंस भेजी होती तो बच्चे की जान बच जाती।
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समय से किया था उपचार
बच्चे को समय से घुमारवीं अस्पताल में उपचार दिया गया। हालत गंभीर थी तो बच्चे को नेरचौक रेफर किया गया। जहां उसकी शुक्रवार को मौत हो गई। - डॉ. प्रकाश दड़ोच, सीएमओ बिलासपुर